India-China Border: लद्दाख के देपसांग-डेमचोक से भारतीय-चीनी सैनिकों की वापसी शुरू, जल्द शुरू होगी पेट्रोलिंग
India and China News: पूर्वी लद्दाख सेक्टर के डेमचोक और देपसांग मैदानों में दो टकराव बिंदुओं पर भारत और चीन के सैनिकों ने वापसी शुरू कर दी है। रक्षा अधिकारी ने यह जानकारी दी है। भारत और चीन दोनों देशों के बीच हुए समझौतों के मुताबिक भारतीय सैनिकों ने अपनी गोला-बारूद और गाड़िया को पीछे लाना शुरू कर दिया है।
भारतीय सैनिक चारडिंग नाला के पश्चिमी हिस्से में वापस चले गए हैं, जबकि चीनी सैनिक नाला के पूर्वी हिस्से में पीछे हट रहे हैं। भारतीय सैनिकों ने वापसी शुक्रवार से शुरू की गई है। सेना ने टेंट और शेड हटाना भी शुरू कर दिया है।

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सूत्रों के मुताबिक पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों की सेनाओं के बीच गतिरोध को समाप्त करने के लिए भारत और चीन के बीच समझौते के कुछ दिनों बाद वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दोनों देशों के सैनिकों के टेंट और कुछ अस्थायी संरचनाओं को हटा दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों तरफ लगभग 10-12 अस्थायी ढांचे और 12 टेंट हैं, जिन्हें हटाया जाएगा। गुरुवार 24 अक्टूबर को चीनी सेना ने इलाके में अपने वाहनों की संख्या कम कर दी और भारतीय सेना ने भी कुछ सैनिकों को वापस बुला लिया। सूत्रों ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले 4-5 दिनों में देपसांग और डेमचोक में पेट्रोलिंग फिर से शुरू होने की उम्मीद है।
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भारत-चीन सीमा विवाद: जल्द शुरू होगी पेट्रोलिंग
बताया जा रहा है कि 10 दिनों के अंदर पेट्रोलिंग भी शुरू की जा सकती है। एलएसी पर सैनिक वहां तैनात थे, जहां भारत-चीन के बीच साल 2020 से गलवान टकराव वाली स्थिति बनी हुई थी। मई 2020 में गलवान घाटी में सैनिकों के बीच हिंसक टकराव के बाद शुरू हुआ था।
भारत और चीन ने 21 अक्टूबर 2024 को पेट्रोलिंग पर सहमति जताई थी। भारत ने 21 अक्टूबर को घोषणा की थी कि उसने LAC पर गश्त करने के लिए चीन के साथ समझौता कर लिया है, जो चार साल से अधिक समय से चल रहे सैन्य गतिरोध को समाप्त करने में एक बड़ी सफलता है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर कहा था कि भारत और चीन में सीमा पर पेट्रोलिंग सिस्टम को लेकर अहम समझौता हुआ है। उन्होंने कहा कि इससे गलवान टकराव के पहले वाली स्थिति वापस आ जाएगी।
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