आजादी के वक्त इतनी थी पेट्रोल-डीजल की कीमत, जानिये 76 सालों में कितने बढ़े दाम...
Petrol price comparison: आजादी से अब तक 76 सालों में देश ने कई उतार चढ़ाव देखे। इसमें राशन-पानी से लेकर हर छोटी-बड़ी चीज के मूल्यों तक में बदलाव शामिल हैं। लेकिन तमाम परेशानियों के बाद भी देश प्रगति की राह पर आगे बढ़ा है। पेट्रोल की बाद करें तो आजादी से पहले या फिर आजादी के समय डीजल-पेट्रोल के दाम बेहद कम हुआ करते थे। उस वक्त यानी कि साल 1947 में पेट्रोल की कीमत 27 पैसे प्रति लीटर थी।
पेट्रोल ने मारी हैट्रिक
आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्थआओं में से एक है। देश ने कई युद्ध से लेकर हमले और सूखा, आपातकाल और भयानक कोरोना महामारी तक का सामना किया। कोरोना की बात करें तो इस महामारी ने देश की आर्थिक व्यवस्था की नींव को हिलाकर रख दिया था। लेकिन बावजूद इसके देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस बीच अगर आज महंगाई की बात की जाए तो सबसे अन्य चीजों के मुकाबले पेट्रोल के दामों ने आसमान छुआ है।

तब और अब कितनी कीमत?
आज पेट्रोल की कीमत की बात की जाए तो ये 96.72 रुपये है। पिछले दस दिनों से देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। अब बात करें आजादी के समय इसकी कीमतों की तो साल 1947 में पेट्रोल की कीमत 27 पैसे प्रति लीटर हुआ करती थी।
23 रुपये प्रति माह की कीमत
उस समय की मासिक कमाई की बात की जाए तो ये 23 रुपये प्रति माह थी। इसका सीधा मतलब है कि पेट्रोल की कीमतें कमाई के अनुपात में करीब एक फीसदी थी। वहीं आज के समय की बात करें तो अगर औसत कमाई 11 हजार रुपये है और पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर यानी कि अभी भी कमाई और पेट्रोल का जो अनुपात है वो एक फीसदी ही है।
कब 50 रुपये लीटर था पेट्रोल?
अन्य चीजों के मुकाबले पेट्रोल ने सीधे शतक की छलांग लगाई है। साल 2008 की बात की जाए तो पेट्रोल की कीमत तब 50 रुपये लीटर थी। ऐसे में 13 सालों में इसकी कीमत दोगुना हो गई। अगर बात सोने की करें तो साल 1947 में 10 ग्राम सोने की कीमत 88.62 रुपये थी। वहीं आज इसकी कीमत 52,000 रुपये के करीब है। इसी तरह पेट्रोल की कीमत भी 27 पैसे थी तो आज पेट्रोल के भाव 96.72 रुपये है। चीनी के दाम तब 40 पैसे प्रति किलो थे। वहीं आज 42 रुपये प्रति प्रति किलो है। आलू के दाम 25 पैसे प्रति किलो थे और आज 25 रुपये प्रति किलो हैं।
121 करोड़ है भारत की आबादी
देश की आबादी की बात करें तो आजादी के समय ये 34 करोड़ थी। आज आबादी बढ़कर 121 करोड़ हो गई है। आधार बनाने वाली संस्था UIDAI ने जुलाई 2022 तक देश की आबादी 137.29 करोड़ से ज्यादा होने का अनुमान लगाया है।












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