पीएम मोदी ने बताया- 6 वर्षों में हमने अपनी स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता को ढाई गुना बढ़ा दिया
6 वर्षों में हमने अपनी स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता को ढाई गुना बढ़ा दिया
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को तीसरी वैश्विक अक्षय ऊर्जा निवेश बैठक और एक्सपो का उद्घाटन किया। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा पिछले 6 वर्षों में, हमने अपनी स्थापित अक्षय ऊर्जा(renewable energy) क्षमता को ढाई गुना बढ़ा दिया। पीएम मोदी ने कहा जब यह सस्ती नहीं थी, तब भी हमने अक्षय ऊर्जा में निवेश किया। अब हमारा निवेश और पैमाना लागत ला रहा है। हम दुनिया को दिखा रहे हैं कि पर्यावरणीय नीतियां भी अर्थशास्त्र को बढ़ा सकती हैं।
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जानें क्या है अक्षय ऊर्जा
बता दें अक्षय उर्जा या नवीकरणीय ऊर्जा जिसे अंग्रेजी में Renewable Energy कहा जाता है, इसमें वो सभी उर्जा शामिल होती हैं जो प्रदूषणकारक नहीं हैं यानी कि जिससे प्रदूषण उत्पन्न नहीं होता है। इसके अलावा अक्षय ऊर्जा में वो साधन आते हैं जिसका स्रोत का क्षय यानी नुकसान नहीं होता, या जिनका स्रोत दोबारा भरण यानी पूर्ति हो जाती है उदाहण के तौर पर सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जलविद्युत उर्जा, ज्वार-भाटा से प्राप्त ऊर्जा, बायोगैस, जैव इंधन आदि नवीनीकरणीय ऊर्जा के उदाहरण है। इसमें अधिकांश ऐसी ऊर्जा शामिल है जो हमारी प्रकृति पर आधारित हैं। पीएम मोदी ने शुरूआत से ही अक्षय ऊर्जा के उत्पादन और प्रयोग के लिए काम कर रही है और लोगों को इसके लिए प्रेरित कर रही है।
भारत और फिनलैंड ने पर्यावरण संरक्षण पर ये एमओयू किया साइन
वहीं धरती पर बढ़ते प्रदूषण के कारण लगातार हमारी प्रकृति को नुकसान पहुंच रहा है और जलवायु परिवर्तन हो रहा है। भारत की नरेंद्र मोदी सरकार ने समय-समय पर विश्व पटल पर क्लाइमेट चेंज का मुद्दा उठाया है साथ ही देश में भी लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरुक करने का प्रयास करते आए हैं। वहीं आज 26 नवंबर को भारत और फिनलैंड ने पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन (MOU) पर साइन किया। ये जानकारी पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने दी।












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