दूसरी पारी में बदले नजर आ रहे शी जिनपिंग, किया युद्ध की तैयारी ऐलान, कहीं निशाने पर भारत तो नहीं?
नई दिल्ली। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का दूसरा कार्यकाल शुरू हो गया है। इस बार वह पहले से भी ज्यादा ताकतवर होकर चीन की कमान संभाल रहे हैं। चीन ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए शी जिनपिंग और उनकी विचारधारा को कम्युनिस्ट पार्टी के संविधान का हिस्सा बना दिया है। मतलब यह हुआ कि वह चीन के पितामह कहे जाने वाले माओ त्सेतुंग के बाद सबसे ताकतवर नेता बनकर उभरे हैं। इतनी पावर मिलने के बाद शी जिनपिंग के तेवर भी बदले-बदले से नजर आ रहे हैं। दूसरा कार्यकाल शुरू होने के बाद शी जिनपिंग ने पहली बार पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के अधिकारियों से मुलाकात की। वैसे तो यह मीटिंग सामान्य थी, लेकिन इसमें चौंकाने वाली यह थी कि शी जिनपिंग ने चीनी सेना को युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा।

मोदी की आक्रामकता की काट निकाल रहे चीनी रणनीतिकार
डोकलाम मुद्दे पर भारत के साथ लंबे गतिरोध के बाद चीनी राष्ट्रपति का यह बयान स्पष्ट कर देता है सेकेंड ईनिंग में शी जिनपिंग के तेवर बेहद आक्रामक रहने वाले हैं। भारत में सत्ता परिवर्तन के बाद बनी मोदी सरकार के आने के बाद से चीन लगातार आरोप लगाता रहा है कि भारत सरकार का रुख बेहद आक्रामक है। इसमें शक नहीं कि मोदी सरकार की आक्रामक नीतियों की काट के तौर पर शी जिनपिंग ने नया अवतार लिया है।

डोनाल्ड ट्रंप को भी चुनौती दे रहे शी जिनपिंग
व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप की एंट्री के बाद से अमेरिका ने भी चीन के प्रति आक्रामक रुख अपनाया हुआ है। गौर किया जाए तो 'जमीनी एक्शन' के मामले में चीन सरकार अमेरिका की तुलना में ज्यादा आक्रामक है, लेकिन पिछले कुछ महीनों में ट्रंप ने कई बार चीन को सीधे लपेटे में लिया। इस जुबानी जंग में शी जिनपिंग कहीं पिछड़ते नजर आए। लेकिन दूसरी पारी में वह ऐसा करते दिख नहीं रहे हैं।

लंबी हो चुकी है चीन के दुश्मनों की लिस्ट
चीन की वैसे तो कई देशों के साथ मित्रता है, लेकिन इनमें ज्यादातर वे राष्ट्र हैं, जो आर्थिक रूप से पिछड़े हुए हैं और किसी न प्रकार से ड्रैगन पर निर्भर हैं। जैसे पाकिस्तान, म्यांमार, सूडान, श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश, जर्मनी आदि। लेकिन उसके दुश्मनों की लिस्ट बहुत लंबी है। अमेरिका, भारत, जापान, वियतनाम, इंडोनेशिया समेत कई देशों के साथ चीन से सीधे विवाद चल रहा है। ऐसे में सेना को युद्ध के लिए तैयार रहने का शी जिनपिंग का संदेश बेहद अहम है। भारत इकलौता ऐसा देश है, दक्षिण एशिया में चीन को खुली चुनौती दे रहा है। सैन्य शक्ति के लिहाज से भी भारत और चीन की टक्कर है। जिस प्रकार से पिछले कुछ समय से भारतीय सेना हथियार खरीद रही है, उसने भी चीन को बेचैन कर रखा है












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