DU कटऑफ में पिछड़ जाएंगे यूपी बोर्ड के 'होनहार'

ऐसे में यूपी बोर्ड के छात्र दाखिले से वंचित रह सकते हैं। यूपी बोर्ड का रिजल्ट इस साल भले ही 93 प्रतिशत से ऊपर रहा लेकिन 85 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले छात्रों की संख्या बहुत कम है। जनपद में सिर्फ दो छात्र ही 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर पाए थे। अंचल कसाना ने 91.2 प्रतिशत और रामेश्वर त्रिपाठी ने 90.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। वहीं सीबीएसई में टॉपर्स की गिनती 95 प्रतिशत से शुरू हुई थी।
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डीयू की हाई कटऑफ से यूपी बोर्ड के छात्रों को झटका लग सकता है। यूपी बोर्ड के साथ सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से पास छात्र भी डीयू के लिए आवेदन करेंगे। ऐसे में कटऑफ प्रतिशत में डीयू और आईसीएसई के छात्र बाजी मार लेंगे। वैसे राहत की बात यह है कि टॉप कालेजों के अलावा डीयू के दूसरे अच्छे कालेज भी हैं जहां कटऑफ कम रहती है। बीकॉम आनर्स हैं पहली पसंदपिछले साल सबसे ज्यादा कट ऑफ बीकॉम ऑनर्स में रही थी।
डीयू के ज्यादातर कालेजों की लिस्ट 90 प्रतिशत से ऊपर रही थी। श्रीराम कालेज ऑफ कामर्स में पहली और अंतिम लिस्ट 97 प्रतिशत रही थी। इसी तरह हिन्दू कालेज में यह कटऑफ 96 प्रतिशत से ऊपर थी। अंबेडकर कालेज, महाराजा अग्रसेन, आचार्या नरेन्द्र देव, रामलाल कालेज, सत्यवती कालेज, रामानुजन कालेज और दूसरे कालेजों की कटऑफ भी ऊंची रही थी। इकोनॉमिक्स ऑनर्स में रहेगी मारामारीपिछले कुछ सालों में इकोनॉमिक्स ऑनर्स को लेकर छात्रों में क्रेज बढ़ा है। कालेजों में इको ऑनर्स की लिस्ट भी 90 प्रतिशत के पार रही थी।
श्री राम कालेज ऑफ कॉमर्स में इकोनॉमिक्स ऑनर्स की लिस्ट 97.5 प्रतिशत रही थी। हिन्दू कालेज में अंतिम कटऑफ 96.5 प्रतिशत रही थी। वहीं वेंकटेश्वरा कालेज की लिस्ट भी 95 प्रतिशत से ज्यादा रही थी। हालांकि प्रक्रिया में अभी सामने आया था कि वेबसाइट ठप होने से छात्रों को परेशानी हो रही है, पर अभी तक सुधार के कदम तेज नहीं किए गए हैं।












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