बिहार में बिगड़ा मौसम, उत्तराखंड में टूटा बारिश का रिकॉर्ड, कुछ घंटों में इन राज्यों में भी आ सकता है आंधी-तूफान

नई दिल्ली। पूरा देश इस वक्त कोरोना संकट से जूझ रहा है,तो वहीं देश के कई राज्यों में हो रही बेमौसम बरसात ने किसानों बुरी तरह से परेशान कर दिया है,चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र सक्रिय होने से देश के कई हिस्सों के साथ ही बिहार में भी आज दोपहर बाद से मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है।यहां कई जिलों में तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश और ओलावृष्टि हो रही है।पटना में दोपहर बाद अचानक तेज आंधी के साथ मौसम में बदलाव आ गया तो वहीं कई जिलों मे कहीं आसमान में घने बादल छाए हुए हैं तो कहीं तेज बारिश हो रही है।

उत्तराखंड में टूटा बारिश का रिकाॉर्ड

उत्तराखंड में टूटा बारिश का रिकाॉर्ड

तो वहीं उत्तराखंड में मई की बारिश का पिछले दो साल का रिकॉर्ड इस साल केवल छह दिनों में टूट गया। मौसम विभाग के अनुसार अब तक छह दिनों में 34.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, यह सामान्य से 237 प्रतिशत ज्यादा है तो वहीं 2019 में पूरे मई में 12.5 मिमी बारिश हुई थी।

बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान

बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान

स्काईमेट वेदर ने अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, तटीय ओडिशा, पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है, ,स्काईमेट का कहना है कि अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, तटीय ओडिशा, पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।

गुजरात के लोगों को भी आंधी का सामना कर पड़ सकता है...

तो वहीं भारतीय मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, मेघालय उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम , हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, केरल, कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, उत्तरी ओडिशा, अंडमान व निकोबार , जम्मू कश्मीर, लद्दाख, राजस्थान, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक तमिलनाडु में भारी बारिश होने की आशंका व्यक्त की है, आईएमडी ने कहा है कि अगले 24 घंटों में राजस्थान के भागों में धूलभरी आंधी के साथ बारिश के आने की आशंका है तो वहीं गुजरात के लोगों को भी आंधी का सामना कर पड़ सकता है, इस दौरान लोगों को सचेत रहने के लिए कहा गया है।

अभी खतरा टला नहीं है...

तो वहीं 'चक्रवाती तूफान' को लेकर वैज्ञानिकों का असमंजस बरकरार है, स्काईमेट का कहना है कि दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और इससे सटे अंडमान सागर पर बना सिस्टम अभी प्रभावी नहीं है और इसी वजह से यह तूफान का रूप धारण नहीं कर पाया है, मॉडन जूलियन ओषिलेशन के दायरे में कमी होने की वजह से बंगाल की खाड़ी पर बना सिस्टम अभी कमजोर पड़ गया है लेकिन अभी खतरा टला नहीं है, बता दें कि माडन जूलियन ओषिलेशन, एक महत्वपूर्ण मौसमी पहलू है जो कि मौसमी स्थितियों को चक्रवात के पक्ष में बनाने का काम करता है। फिलहाल अब तक की स्थितियों को देखते हुए यह कहना मुश्किल है कि 'चक्रवाती तूफान' कब तक बनेगा और किस दिशा में जाएगा।

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