मौसम की तरह बदलकर दिल को छू लेते हैं मोदी

मोदी ने पिछले वर्ष भारत के जवानों का सिर काटे जाने की ओर लोगों को ध्यान आकर्षित किया। मोदी ने कहा कि आज हमारे जवान जो हथियार इस्तेमाल करते हैं, उन्हें बाहर से मंगवाना पड़ता है। मेरा तो मानना यही है कि देश में ही हथियारों का निर्माण होना चाहिए, इसके लिए कॉलेज में डिफेंस इक्विपमेंट मैन्युफैक्चिरंग इंजीनियरिंग कोर्स का प्रारम्भ किया जाना चाहिए।
मोदी ने जनता से जुड़ने के लिए कहा कि सिर्फ युद्ध के समय ही नहीं बल्कि शांति के समय भी सैनिकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, जैसा कि हमने उत्तराखंड प्राकृतिक आपदा के दौरान सैनिकों को देखा। मोदी ने वंदे मातरम के नारे भी लगाए जिससे वह माहौल के अनुसार अपना प्रभाव छोड़ने में कामयाब रहे।
मोदी इस समय देश के प्रभावशाली वक्ता हैं, वह माहौल के अनुसार अपने भाषण में बदलाव करते हैं लेकिन उन्होने ऐसे समय में भी खुद को अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों से बेहतर साबित किया। उनकी भाषण शैली और अंदाज उन्हें जनता से जोड़ देती है।












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