मोहन भागवत के बयान पर बोले नवाब मलिक, अगर ह्रदय परिवर्तन हो रहा है तो ये अच्छी बात है
नई दिल्ली, जुलाई 5। अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले संघ प्रमुख मोहन भागवत एकबार फिर से चर्चा का विषय बन गए हैं। दरअसल, रविवार को मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम में कहा था कि सभी भारतीयों का DNA एक है, चाहे वो हिंदू हो या फिर मुस्लिम। अब मोहन भागवत के बयान पर तमाम नेताओं की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इस बीच NCP नेता नवाब मलिक ने भी मोहन भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। नवाब मलिक ने कहा है कि कभी वर्ण व्यवस्था में विश्वास रखने वाला शख्स अगर धर्म की हदों को तोड़ना चाहता है तो ये अच्छी बात है।
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नवाब मलिक का बयान
महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक ने भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "अगर भागवत जी का हृदय बदल रहा है तो हम उसका स्वागत करते हैं। वर्ण व्यवस्था में विश्वास करने वाला संगठन अगर धर्म की हदों को तोड़ना चाहता है तो ये अच्छी बात है।"
देश में नफरत हिंदुत्व की देन है- ओवैसी
नवाब मलिक के अलावा AIMIM के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि इस देश में जो नफरत है वो हिंदुत्व की ही देन है। ओवैसी ने कहा, "भागवत का कहना है कि लिंचिंग करने वाले हिंदुत्व विरोधी हैं। इन अपराधियों को गाय और भैंस में फर्क नहीं पता होगा, लेकिन कत्ल करने के लिए जुनैद, अखलाक, पहलू, रकबर, अलीमुद्दीन के नाम ही काफी थे। ये नफरत हिंदुत्व की देन है। इन मुजरिमों को हिंदुत्ववादी सरकार की पुश्त पनाही हासिल है।"
क्या कहा था मोहन भागवत ने?
रविवार को मोहन भागवत गाजियाबाद में पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के सलाहकार रहे डॉ. ख्वाजा इफ्तिखार की लिखी पुस्तक द मीटिंग ऑफ माइंड्स का विमोचन करने पहुंचे थे। यहीं उन्होंने कहा था कि हम एक हैं और इसका आधार हमारी मातृभूमि है। हम समान पूर्वजों के वंशज हैं। भारत के सब लोगों का DNA समान है।












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