गेहूं घोटाले में निष्कासित राजस्थान की IAS अधिकारी निर्मला मीणा फरार
जयपुर। राजस्थान में गेंहू के घोटाले में फंसी आईएएस अधिकारी निर्मला मीणा फरार हो गई हैं। उनपर आरोप है कि उन्होंने 8 करोड़ रुपए के 35 हजार क्विंटल गेंहूं का घोटाला किया है, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। निर्मला मीणा के फरार होने के बाद राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो उनकी तलाश कर रही है। एसीबी मीणा के तमाम रिश्तेदारों के यहां छापेमारी कर रही है, लेकिन अभी तक उनकी जानकारी नहीं मिल सकी है।

आटा मिल के मालिकों के साथ मिलीभगत
एसीबी की टीम ने आज जोधपुर जिला रसद अधिकारी के कार्यालय में एक बार फिर से छानबीन की है लेकिन अभी तक मीणा की कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। शनिवार और रविवार को भी एसीबी ने मीणा और उनके पति की तलाश में कई जगहों पर छापेमारी की थी। आपको बता दें कि मीणा पर आरोप है कि जोधपुर में जिला रसद अधिकारी के पद पर रहते हुए मीणा ने आटा मिल के मालिकों और राशन डीलर्स के साथ मिलीभगत करके फर्जी तरीके से कई लोगों का राशन कार्ड बनवाया था और उनके नाम पर आटा भेजा जाता था। आरोप है कि मीणा ने इसके लिए इन व्यापारियों से मोटी रकम वसूली है। जिसकी शिकायत मिलने के बाद उन्हे निलंबित कर दिया गया और सरकार ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

कई जगह पर मिली संपत्ति
एसीबी की जांच में सामने आया है कि मीणा और उनके पति के नाम 17 अलग-अलग बैंको के तीन लॉकर हैं। इन सभी लॉकर को एसीबी ने सीज कर दिया है। पिछले तीन दिनों से लगातार एसीबी मीणा के खिलाफ जांच कर रही है। जानकारी के मीणा के नाम अनुसार जयपुर में दो, जोधपुर में पांच घर, एक पेट्रोल पंप, बीस बीघा जमीन, माउंट आबू में कॉटेज और एक दुकान है जिसके दस्तावेज एसीबी के हाथ लगे हैं।

15 मार्च को सुनवाई
राशन घोटाले में मीणा का सहयोग करने के आरोप में तत्कालीन पीए अशोक पालीवाल और आटा मिल के मालिक स्वरूप सिंह उपाध्याय के जोधपुर के घर पर भी छापेमारी की गई है। इनके ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति के मामले से संबंधित दस्तावेज मिले हैं। आपको बता दें कि मीणा और पालीवाल ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत की याचिका दायर कर रखी है। इस मामले की सुनवाई 15 मार्च को होगी।












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