बिजली के तारों से टकरा गया था मिग-21 के पायलट का पैराशूट!
श्रीनगर। मंगलवार को श्रीनगर के अनंतनाग में एक मिग-21 जेट क्रैश हो गया। दक्षिणी कश्मीर के मारहामा-बिजबेहारा गांव के खेतों में क्रैश हुए इस मिग-21 को उड़ा रहे पायलट 32 वर्षीय स्क्वाड्रन लीडर रघुवंशी की भी मौत हो गई।
गांव के स्थानीय नागरिकों की मानें तो रघुवंशी का पैराशूट 320 किलो वॉट वाली हाई वोल्टेज बिजली के तारों से टकरा गया था। इसकी वजह से उनकी मौत हो गई। गांववालों ने बताया कि उन्होंने खुद इस बात को अपनी आंखों से देखा था।
इस क्रैश में किसी भी स्थानीय नागरिक स्थानीय संपत्ति को कोई भी नुकसान पहुंचा है। रूटीन सॉर्टी पर पायलट रघुवंशी एक और पायलट के साथ फ्लाइंग पर थे जहां उनके साथी पायलट की जान बच गई तो वहीं उनकी जान चली गई है।
स्क्वाड्रन लीडर रघुवंशी ने श्रीनगर के एयरबेस से उड़ान भरी थी। उनकी डेड बॉडी को क्रैश हुए जेट के मलबे से निकाला गया। आगे की स्लाइड्स में देखिए इस हादसे से जुड़ी कुछ तस्वीरें जो इस क्रैश की भयावता को बताने के लिए काफी हैं।

फ्लाइंग कॉफिन मिग-21 के भेट चढ़ी एक और जांबांज की जान
मिग-21 को फ्लाइंग कॉफिन के नाम से भी जाना जाता है। आए दिन होने वाले इस जेट के क्रैश में कई बहादुर अफसरों की जान चली गई है। स्क्वाड्रन लीडर रघुवंशी इनमें से ही एक थे।

अफसर और नागरिक हैरान
जिस जगह पर मिग 21 क्रैश हुआ है वहां पर पांच फीट गहरा गड्ढा हो गया। मलबे को हटाने के काम में लगे सेना के अफसर और स्थानीय नागरिक इस घटना को देखकर हैरान थे।

इसलिए खेतों की ओर से ले गए जेट
स्क्वाड्रन लीडर रघुवंशी को इस बात की सबसे बड़ी चिंता थी कि इस क्रैश में नागरिकों की जान पूरी तरह से बचा ली जाए और इसलिए उन्होंने खेतों की ओर इसका रुख मोड़ दिया था।

पायलट का अदा किया शुक्रिया
इस क्रैश के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने ट्वीट किया और उन्होंने पायलट के इस कदम की सराहना की। साथ ही उन्होंने पायलट के परिवारों को सांत्वना भी दी।

अरुण जेटली ने की मुलाकात
वित्त मंत्रालय के साथ ही साथ कुछ दिनों तक रक्षा मंत्रालय का काम संभालने वाले अरुण जेटली ने मंगलवार को आर्मी, एयरफोर्स और नेवी के प्रमुखों के साथ मुलाकात की। जेटली ने जहां प्रमुखों के साथ सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर चर्चा की तो वहीं उन्होंने इस हादसे पर दुख जाहिर किया।












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