'मैं सस्पेंडेड राज्यसभा सांसद...', निलंबन के बाद राघव चड्ढा ने अपने वीडियो में क्या-क्या कहा?
Raghav Chadha news: आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा को शुक्रवार को राज्यसभा से सस्पेंड कर दिया गया। राघव चड्ढा के ऊपर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली सेवा बिल को पारित कराने की प्रक्रिया के दौरान सेलेक्ट कमेटी के लिए चार सांसदों का नाम उनकी बिना सहमति के शामिल किया।
राज्यसभा से सस्पेंड होने के बाद राघव चड्ढा ने अपने ट्विटर हैंडल पर अपना एक वीडियो मैसेज जारी किया और खुद को 'सस्पेंडेड राज्यसभा सांसद' कहते हुए केंद्र सरकार पर सवालों की बौछार की।

अपने वीडियो मैसेज में राघव चड्ढा ने कहा, 'मैं सस्पेंडेड राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा। मुझे राज्यसभा से आज सस्पेंड कर दिया गया। मुझे क्यों सस्पेंड किया गया, मेरा क्या अपराध है? क्या मेरा ये अपराध है कि मैंने संसद में खड़े होकर, दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा के नेताओं से सवाल पूछे? क्या मेरा ये अपराध है कि मैंने दिल्ली सेवा बिल पर दिल्ली की जनता के हित में भाजपा के बड़े नेताओं से न्याय की मांग की? मैंने उन्हें, उन्हीं के पुराने घोषणा पत्र की याद दिलाई और उनसे आडवाणीवादी और बाजपेईवादी भाजपा बनने की बात कही, क्या ये मेरा अपराध है?'
राघव चड्ढा ने आगे कहा, 'ये लोग बहुत शक्तिशाली लोग हैं, ये किसी भी हद तक जा सकते हैं। मुझे एक हफ्ते के भीतर विशेषाधिकारी समिति के दो नोटिस आ चुके हैं और शायद ये भी अपने आप में एक रिकॉर्ड होगा। सदन के अंदर विपक्ष को बोलने नहीं दिया जाता, नेता विपक्ष का माइक बंद कर दिया जाता है। इसी मानसून सत्र में आम आदमी पार्टी के तीन सांसदों- संजय सिंह, सुशील कुमार रिंकू और मुझे सस्पेंड कर दिया गया। भारत के इतिहास में शायद ये पहली बार देखा गया है कि लोकसभा में विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस के नेता सदन को सस्पेंड कर दिया गया।'
'राहुल गांधी की तरह हमारी भी सदस्यता रद्द कर सकते हैं'
केंद्र सरकार पर हमलावर होते हुए राघव चड्ढा ने कहा, 'भाजपा के लोग चाहते हैं कि कोई भी इनसे सवाल ना पूछे, कोई भी अपनी आवाज ना उठाए, हर शख्स को सस्पेंड कर दो। मैं विशेषाधिकार समिति के सामने अपना पक्ष रखूंगा और न्याय की मांग करूंगा। भाजपा के लोग जिस तरह से राहुल गांधी की सदस्यता ले सकते हैं, कल को ये आम आदमी पार्टी के किसी भी सांसद की सदस्यता रद्द कर सकते हैं। ये जो चाहे कर सकते हैं। जो आरोप मेरे ऊपर लगाया गया है, वो तो अपराध की श्रेणी में आता ही नहीं।'
'मैं आखिर तक अपनी लड़ाई लड़ूंगा'
राघव चड्ढा ने आगे कहा, 'भाजपा के लोग आरोप लगा रहे हैं कि मैंने कुछ सांसदों के फर्जी हस्ताक्षर किए और सदन में जमा कराए। जबकि, सत्य यह है कि किसी भी सांसद को एक समिति में नाम प्रस्तावित करने की छूट होती है। इसका मतलब है कि मैं किसी सेलेक्ट कमेटी के लिए कुछ सांसदों का नाम प्रस्तावित कर सकता हं। इसमें किसी सांसद की लिखित सहमति या हस्ताक्षर की जरूरत नहीं पड़ती। अगर, किसी सांसद को आपत्ति है, तो वो अपना नाम वापस ले सकता है। कहीं पर भी मैंने किसी सांसद के हस्ताक्षर नहीं दिए हैं। लेकिन, भाजपा को मौका मिल गया मेरे ऊपर कीचड़ उछालने का, मैं आखिर तक अपनी लड़ाई लड़ूंगा।'
देखिए राघव चड्ढा का वीडियो:-
आपको बता दें कि राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री और नेता सदन पीयूष गोयल की तरफ से राघव चड्ढा के निलंबन का प्रस्ताव दिया गया। पीयूष गोयल ने अपने प्रस्ताव में कहा कि एक सांसद ने आपत्ति जताई है कि उनका नाम उनकी सहमति के बिना लिस्ट में शामिल किया गया। ये इन सांसदों के विशेषाधिकार का हनन है। इसके बाद विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक के लिए राघव चड्ढा को सस्पेंड कर दिया गया।












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