Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Hybrid ATM Plan: UPI के दौर में कैश की वापसी! अब ATM से मिलेंगे ₹10-₹20 के नोट,क्या है हाइब्रिड एटीएम प्लान?

Hybrid ATM Plan India 2026: UPI और डिजिटल पेमेंट के इस दौर में सरकार अब नगद लेनदेन को और आसान बनाने के लिए 'हाइब्रिड एटीएम' (Hybrid ATM) की योजना पर काम कर रही है। UPI के तेज़ी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच अब छोटे नोटों की कमी दूर हो जाएगी।

दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में भले ही UPI ने भुगतान को आसान बना दिया हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज भी बड़ी आबादी रोजमर्रा के लेन-देन के लिए नकदी पर निर्भर है। इसी को देखते हुए सरकार छोटे नोटों के प्रचलन को बढ़ाने के लिए कई विकल्पों पर काम कर रही है।

hybrid-atm-plan-in-india-get-rupees10-20-50-notes

What is Hybrid ATM Plan: क्या है हाइब्रिड ATM?

डिजिटल प्लेटफॉर्म मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ऐसे नए ATM लाने की योजना बना रही है, जो केवल ₹100 और ₹500 ही नहीं, बल्कि ₹10, ₹20 और ₹50 के नोट भी निकाल सकें। इसके अलावा, हाइब्रिड ATM का प्रस्ताव भी विचाराधीन है, जिनके जरिए बड़े नोटों को छोटे नोटों में बदला जा सकेगा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि मुंबई में छोटे मूल्य के नोट देने वाली मशीनों का एक प्रोटोटाइप पायलट प्रोजेक्ट के तहत टेस्ट किया जा रहा है। अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो इसे देशभर में लागू किया जा सकता है।

कहां लगाए जाएंगे Hybrid ATM?

योजना के तहत Hybrid ATM को उन जगहों पर लगाने का प्रस्ताव है, जहां लोगों की आवाजाही ज्यादा रहती है। इनमें- ट्रांसपोर्ट हब, बाजार, अस्पताल और सरकारी कार्यालय जैसी जगहें शामिल हैं। इससे आम लोगों, दुकानदारों और छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

सरकार भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) से छोटे मूल्य के नोटों की छपाई बढ़ाने का आग्रह भी कर सकती है। मौजूदा समय में ₹500 का नोट सबसे ज्यादा प्रचलन में है, लेकिन यही नोट रोज़मर्रा की खरीदारी में सबसे ज्यादा परेशानी की वजह भी बन रहा है, क्योंकि दुकानदारों के पास अक्सर छुट्टे पैसे नहीं होते।

Small Currency Notes से आम लोगों को मिलेगा सीधा फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम खास तौर पर अनौपचारिक अर्थव्यवस्था, ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों के लिए फायदेमंद होगा। ग्रामीण और अंदरूनी इलाकों में रोज़ाना बड़ी रकम की लेन-देन कम होता है। वहां छोटे नोटों की उपलब्धता बेहद ज़रूरी है। लोगों की 'ईज ऑफ लिविंग' सुधारना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके अलावा, हर किसी के पास स्मार्टफोन या स्थिर इंटरनेट नहीं है, ऐसे में नकदी आज भी एक अहम भूमिका निभाती है।

क्या UPI के खिलाफ है यह कदम?

हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना सरकार के डिजिटलीकरण एजेंडे के उलट जा सकती है। जब तक छोटे नोटों की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होगी, तब तक हाइब्रिड ATM भी समस्या का पूरा समाधान नहीं कर पाएंगे। इसके लिए छपाई, लॉजिस्टिक्स और नोटों के पुनःप्रचलन को समानांतर रूप से बढ़ाना होगा। सरकार का मकसद डिजिटल भुगतान और नकदी के बीच संतुलन बनाना है।

जहां UPI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत है, वहां डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलता रहेगा। वहीं, जिन इलाकों में डिजिटल पहुंच सीमित है, वहां छोटे नोटों की उपलब्धता सुनिश्चित कर लोगों की रोज़मर्रा की परेशानियों को कम करने की कोशिश की जाएगी। अगर यह योजना सफल होती है, तो आने वाले समय में ATM से छुट्टे पैसों की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है और नकदी पर निर्भर करोड़ों लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+