आतंकियों से लड़कर शहीद हुआ पति, अब पत्नी ने संभाली बंदूक
नई दिल्ली। भारतीय सेना में कर्नल पति ने जब देश के लिए आतंकवादियों से लोहा लेते हुए अपनी जान दे दी तो पत्नी ने भी ठान लिया कि वो घर में बैठकर आंसू बहाने के बजाय खुद मोर्चे पर दुश्मनों से भिड़कर अपने पति की शहादत को सलामी देगी।

उसकी मांग का सिंदूर मिटे महज 9 महीने बीते थे... लेकिन इन 9 महीनों में कड़ी मेहनत कर कुपवाड़ा में आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हुए कर्नल संतोष महाडिक की पत्नी ने भारतीय सेना में भर्ती होने के लिए फाइनल राउंड पास कर लिया।
'खुशी बांटने वाला अब साथ नहीं'
गुरुवार को सेवा चयन (एसएसबी) बोर्ड ने जब सेना में चुने गए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की तो उसमें शहीद कर्नल संतोष महाडिक की पत्नी स्वाति का भी नाम था।
स्वाति को जब अपने चयन की जानकारी मिली तो उनके चेहरे पर कोई भाव नहीं था। स्वाति ने सेना में भर्ती होने के लिए जी-तोड़ मेहनत की लेकिन अब जब उनका चयन हो चुका है तो उन्हें ना कोई खुशी है और ना ही कोई दुख।
स्वाति बताती हैं कि पिछले कुछ महीनों से वो लगातार मेहनत कर रही हैं लेकिन चुने जाने के बाद उन्हें अब सब कुछ सामान्य सा लगता है, शायद इसलिए क्योंकि अब इस खुशी को बांटने वाला उनके साथ नहीं है।
जो वर्दी पति पहनते थे, अब पहनेंगी स्वाति
स्वाति अब अक्टूबर में चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकेडमी में जाने को तैयार हैं। यहां स्वाति को 11 महीने की कड़ी ट्रेनिंग से गुजरना है जिसके बाद उन्हें सेना में तैनाती मिल जाएगी।
गौरतलब है कि कर्नल संतोष महाडिक नवंबर में आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे, जिसके बाद उनकी पत्नी ने भी सेना में जाने का अहम फैसला किया।
पुणे यूनिवर्सिटी से पढ़ीं स्वाति पहले टीचर थीं। उनके दो बच्चे हैं, 11 साल की बेटी कृत्की और 6 साल का बेटा स्वराज। पति के जाने के बाद स्वाति एक बात से खुश हैं कि अब वो वही वर्दी पहनेंगी जो कभी उनके पति पहना करते थे।












Click it and Unblock the Notifications