Humayun Kabir Net Worth: ‘1000 करोड़ की डील’ वाले हुमायूं कबीर अथाह संपत्ति के हैं मालिक, कैसे करते हैं कमाई?
Humayun Kabir Net Worth 2026: पश्चिम बंगाल की सियासत में चुनाव से ठीक पहले एक ऐसा विवाद सामने आया है, जिसने पूरे राजनीतिक माहौल को हिला दिया है। एक कथित स्टिंग वीडियो के सामने आने के बाद हुमायूं कबीर अचानक सुर्खियों में आ गए हैं। इस वीडियो में एक शख्स, जो हुमायूं कबीर जैसा दिखता है, कथित तौर पर बीजेपी नेताओं के साथ ₹1000 करोड़ की डील की बात करता नजर आ रहा है। इतना ही नहीं, वीडियो में यह दावा भी किया जा रहा है कि अगर उनकी पार्टी 60-70 सीटें जीत लेती है, तो उन्हें डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। हालांकि हुमायूं कबीर ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाया गया फर्जी वीडियो बताया है।
इस पूरे विवाद का असर उनकी राजनीतिक रणनीति पर भी पड़ा है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने उनकी पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी से अपना गठबंधन तोड़ लिया है। दोनों दलों ने 25 मार्च को साथ चुनाव लड़ने का ऐलान किया था, लेकिन अब AIMIM ने अकेले चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर '1000 करोड़ की डील' के आरोपों के बीच खुद हुमायूं कबीर कितने अमीर हैं और उनकी कमाई के स्रोत क्या हैं।

हुमायूं कबीर की कुल संपत्ति कितनी है? (Humayun Kabir Property)
हुमायूं कबीर के चुनावी हलफनामे के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति करीब ₹3.07 करोड़ से ज्यादा है। इसमें उनकी चल और अचल संपत्तियां दोनों शामिल हैं। वहीं उन पर ₹29.46 लाख से अधिक की देनदारी भी दर्ज है। यानी कुल मिलाकर देखा जाए तो उनकी नेट वर्थ लगभग ₹2.7 करोड़ के आसपास बैठती है।
उनके पास नकद करीब ₹1.75 लाख है, जबकि बैंक खातों और अन्य वित्तीय संस्थानों में जमा राशि करीब ₹3.71 लाख बताई गई है। इसके अलावा बीमा पॉलिसियों में भी उन्होंने करीब ₹16.98 लाख का निवेश कर रखा है।

हुमायूं कबीर के गाड़ियों और मशीनों का बड़ा कलेक्शन (Humayun Kabir Car)
हुमायूं कबीर की संपत्ति में सबसे दिलचस्प हिस्सा उनके वाहनों का है। उनके पास करीब ₹48.80 लाख मूल्य के वाहन हैं। इनमें टाटा सफारी, स्कॉर्पियो जैसी लग्जरी गाड़ियां ही नहीं, बल्कि जेसीबी मशीन और डंपर जैसे भारी वाहन भी शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों में होता है।
हलफनामे के अनुसार उनके पास 2014 मॉडल की टाटा सफारी और 2011 मॉडल की जेसीबी मशीन भी है। यह साफ संकेत देता है कि उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा कंस्ट्रक्शन और ठेकेदारी जैसे कामों से जुड़ा हो सकता है।
जेवर और अन्य निवेश
हुमायूं कबीर के पास करीब ₹25.25 लाख के जेवर भी हैं। इसके अलावा उनकी पत्नी के पास लगभग 450 ग्राम सोना है, जो परिवार की कुल संपत्ति को और मजबूत बनाता है। बीमा योजनाओं और अन्य निवेश विकल्पों में भी उनकी अच्छी-खासी हिस्सेदारी है।
जमीन-जायदाद में करोड़ों का निवेश
अगर अचल संपत्ति की बात करें तो हुमायूं कबीर के पास करीब ₹1.97 करोड़ की संपत्ति दर्ज है। उनके नाम मुर्शिदाबाद और कोलकाता में कई जमीनें और मकान हैं।
मुर्शिदाबाद में उनके पास कृषि भूमि है, जबकि कोलकाता के न्यू टाउन और कॉलिन स्ट्रीट इलाके में फ्लैट मौजूद हैं। इसके अलावा बरहामपुर में उनका एक घर भी है, जो उनकी संपत्ति का हिस्सा है। यह साफ दिखाता है कि कबीर ने अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा रियल एस्टेट में निवेश किया है, जो लंबे समय में स्थिर रिटर्न देता है।
आखिर कहां से होती है कमाई? (Humayun Kabir Income source)
हुमायूं कबीर की कमाई के स्रोतों पर नजर डालें तो यह साफ होता है कि उनका मुख्य फोकस बिजनेस और ठेकेदारी से जुड़ा हुआ है। भारी वाहन, जेसीबी मशीन और डंपर की मौजूदगी यह संकेत देती है कि वे कंस्ट्रक्शन, जमीन से जुड़े काम या लोकल कॉन्ट्रैक्टिंग में सक्रिय हो सकते हैं।
इसके अलावा कृषि भूमि से भी उन्हें आय होने की संभावना है। रियल एस्टेट में निवेश और किराये से भी उनकी आमदनी का एक हिस्सा आता होगा। कुल मिलाकर उनकी आय के स्रोत विविध हैं, जो उन्हें एक स्थिर आर्थिक स्थिति प्रदान करते हैं।
हुमायूं कबीर कर्ज का भी है बोझ (Humayun Kabir loan)
हालांकि हुमायूं कबीर की संपत्ति करोड़ों में है, लेकिन उन पर ₹29.46 लाख का कर्ज भी है। यह कर्ज मुख्य रूप से बैंक लोन के रूप में लिया गया है, जिसे अभी चुकाया जाना बाकी है। यह दर्शाता है कि उन्होंने अपने बिजनेस या निवेश के लिए उधार का भी सहारा लिया है।
कौन हैं हुमायूं कबीर? (who is Humayun Kabir)
हुमायूं कबीर पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े थे, लेकिन विवादित बयानों के चलते उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी बनाई और चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी की।

2026 के पश्चिम बंगाल चुनाव में उन्होंने AIMIM के साथ गठबंधन किया था, लेकिन हालिया विवाद के बाद यह गठबंधन टूट गया। अब वे अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।
विवाद क्या है?
तृणमूल कांग्रेस ने हुमायूं कबीर पर आरोप लगाया है कि उन्होंने बीजेपी के साथ मिलकर ₹1000 करोड़ की डील की है, ताकि चुनाव में वोटों का ध्रुवीकरण किया जा सके। एक कथित ऑडियो क्लिप में उन्हें यह कहते हुए सुना गया कि बीजेपी हिंदू वोटों को एकजुट करेगी और वे मुस्लिम वोटों को बांटने में मदद करेंगे।
हालांकि इस ऑडियो की पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हो पाई है। खुद कबीर ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दिया है और कहा है कि उनके पास ₹1 करोड़ की भी कोई डील नहीं है, ₹1000 करोड़ तो बहुत बड़ी बात है।












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