प्रिंसटन यूनिवर्सिटी में ओसामा पर कोई कार्यक्रम तो क्या होगा एक्शन
नई दिल्ली। नौ फरवरी को भारत की राजधानी दिल्ली स्थित जेएनयू यूनिवर्सिटी में छात्रों ने संसद भवन पर आतंकी हमले के दोषी अफजल गुरु की तीसरी बरसी पर एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में देश विरोधी नारे लगे और अफजल गुरु के समर्थन में कई बातें कहीं गईं।

उठ थे कई सवाल
इस कार्यक्रम के बाद भारत की मीडिया ने कई तरह के सवाल पूछे जिनमें से एक था कि क्या कोई अमेरिकी यूनिवर्सिटी अपने कैंपस में अल कायदा के आतंकी ओसामा बिन लादेन पर कोई कार्यक्रम आयोजित करने की आजादी स्टूडेंट्स को देगी?
क्या करेगी प्रिंसटन यूनिवर्सिटी
अब अमेरिका की एक टॉप यूनिवर्सिटी प्रिंसटन ने इसका जवाब दिया है। प्रिंसटन यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया है कि अगर कैंपस में छात्र ओसामा बिन लादेन से जुड़ा कोई इवेंट करते तो वह भारत की तर्ज पर कोई कार्रवाई नहीं करता।
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प्रिसंटन यूनिवर्सिटी के प्रेसीडेंट क्रिस्टोफर एल इसग्रूबेर ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि, 'यूनिवर्सिटी इसे सहन कर लेगी और हमें यह सहना करना चाहिए।'
उन्होंने यह भी कहा कि कई लोग इस बयान पर नाराज हो सकते हैं लेकिन इस प्रकृति के किसी भी बयान से हम किसी को रोकेंगे नहीं।
बर्दाश्त करनी होगी आक्रामकता
उन्होंने कहा कि प्रिंसटन यूनिवर्सिटी इस बात पर यकीन करती है कि यूनिवर्सिटी को हर आक्रामक रवैये वाले भाषण को बर्दाश्त करना होगा और हर बुरी बहसबाजी को उस समय सहना होगा जब वह बयान से कुछ ज्यादा हों।
विवाद से बिगड़ी जेएनयू की छवि
उन्होंने इसे मौलिक अधिकारी और फायदा करार दिया। आपको बता दें कि प्रिंसटन यूनिवर्सिटी अमेरिका की टॉप 10 यूनिवर्सिटीज में शामिल हैं।
वैंकया नायूड को बताया गलत
इसग्रूबेर ने भारत के केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू के उस बयान को भी गलत बताया है जिसमें सवाल किया था कि क्या अमेरिका भी यूनिवर्सिटी कैंपस में ओसामा बिन लादेन की याद में कार्यक्रम आयोजित करने की इजाजत देगा?
इसब्रूगर के मुताबिक इस तरह के बयानों से स्थिति काफी आक्रामक हो सकती है। वर्ष 2013 में इसब्रूगर को इस यूनिवर्सिटी का प्रेसीडेंट बनाया गया था। वह संविधान के जाने-माने लेखक हैं और फिलहाल भारत आए हुए हैं।












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