तो दाऊद इब्राहिम को खत्म करने के लिए भारत और यूएई प्लान कर रहे हैं सीक्रेट सर्जिकल स्ट्राइक!
दुबई में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के बिजनेस और उसकी प्रॉपर्टीज को पहचानने के बाद भारत और यूएई उन्हें सीज करने पर काम कर रहे हैं।
नई दिल्ली। ऐसा लगता है अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के बुरे दिन शुरू हो चुके हैं। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की सरकार ने पहले ही उसकी प्रॉपर्टी की जांच शुरू कर दी है और इंफोर्सेमेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) की ओर से मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस रजिस्टर करने की तैयारी में है। इन दो अहम घटनाक्रमों के बाद से कुछ लोग मान रहे हैं कि उसका अंत निकट है।

वर्ष 2015 में शुरू हुआ काम
दुबई में दाऊद इब्राहिम के कई बिजनेस और प्रॉपर्टीज हैं और इनकी पहचान कर ली गई है। भारत यूएई के साथ मिलकर इन सबको सीज करने की दिशा में काम कर रहा है। इस दिशा में पहला कदम उस समय उठाया गया था जब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोवाल वर्ष 2015 में यूएई के दौरे पर गए थे। उन्होंने उस समय दाऊद की उन प्रॉपर्टीज की लिस्ट सौंपी थी जो यूएई में हैं। डोवाल ने यूएई से रिक्वेस्ट की थी कि वह इन प्रॉपर्टीज की सीज करे। यूएई ने भी अपनी तरफ से एक स्वतंत्र जांच की शुरुआत की और उसकी प्रॉपर्टीज को वैरीफाई किया। अब ईडी ने फैसला किया है कि वह पीएमएलए के तहत इन प्रॉपर्टीज को सीज करेगी। ईडी सारा मैटेरियल और सुबूत इकट्ठा करने के बाद यूएई के कानून के तहत एक औपचारिक अनुरोध दायर करेगी। अगर सारे तथ्य सही हुए तो फिर इन प्रॉपर्टीज को निलाम भी किया जा सकता है। यूएई में भारत की ओर से दी गई लिस्ट के आधार पर जांच हुई है। भारत ने एक डॉजियर तैयार किया है जिसमें कई प्रॉपर्टीज की एक लिस्ट है और साथ ही भारत ने दुबई में एक कंपनी का भी जिक्र किया है जिसका नाम गोल्डन बॉक्स है। डॉजियर के मुताबिक कंपनी को दाऊद का भाई अनीस इब्राहिम चला रहा है।
10 देशों में 3000 करोड़ की प्रॉपर्टी
भारत की ओर से सौंपी गई लिस्ट में होटलों के भी नाम हैं। ईडी ने प्रॉपर्टीज की लिस्ट को छोटा किया था। इस लिस्ट में उन 50 मुख्य प्रॉपर्टीज के नाम हैं जो 10 देशों में हैं और जिसका मालिक दाऊद और उसके साथी हैं। ईडी के अधिकारी कई दूसरे देशों में मौजूद डी गैंग की प्रॉपर्टीज के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। दाऊदी ने मोरक्को, स्पेन, यूएई, सिंगापुर, थाईलैंड, साइप्रस, टर्की भारत, पाकिस्तान और यूनाइटेड किंगडम में निवेश किया हुआ है। इन प्रॉपर्टीज की कीमत करीब 3000 करोड़ से भी ज्यादा है। सभी प्रॉपर्टीज को बेनामी संपत्ति के तौर पर खरीदा गया था। अब तक डी गैंग और इकबाल मिर्ची के बीच प्रॉपर्टीज के जरिए कोई कनेक्शन है उसे लेकर कोई भी ठोस सुबूत सामने नहीं आया है।












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