इन शातिर तरीकों से ग्राहकों को लूट रहे हैं पेट्रोल पंप, हो जाइए सावधान

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नई दिल्ली। हर साल सड़क पर वाहनों की संख्या बढ़ रही है और उसी रफ्तार से पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी बढ़ रही हैं। लेकिन इस सब के बीच पेट्रोल पंप के मालिकों ने धोखाधड़ी के जरिए अपनी जेब भरने का नया तरीका खोज निकाला है और अपनी जेबें भर रहे हैं। पेट्रोल पंप कैसे ग्राहकों की जेब में सेंध लगा रहे हैं ये जानकर आप हैरान रह जाएंगे। 

ग्राहकों को ऐसे लूट रहे हैं पेट्रोल पंप, हो जाइए सावधान

पाइप को दबाकर भरते हैं कम पेट्रोल

पेट्रोल पंप में तेल भराते समय आपको उस व्यक्ति पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है जो तेल भरते समय नोजल से जुड़ा पाइप पकड़े होता है। वे तेल भरने के दौरान कई बार पाइप को दबाते हैं जिससे तेल की रफ्तार में रुकावट आती है और कम मात्रा में तेल आपके फ्यूल टैंक में पहुंचता है। जबकि मशीन में तेल की मात्रा वही दिखाएगी जितनी आप चाहते हैं। ऐसे में आप कम तेल के लिए ज्यादा कीमतें दे रहे हैं।

ग्राहकों को बातचीत में उलझाकर धोखाधड़ी

तेल भरते समय नोजल को टैंक में रख दिया जाता है लेकिन टैंक में पूरा तेल जाने से पहले ही उसे हटा लिया जाता है। इस तरह पाइप में कुछ तेल बच जाता है लेकिन आपको उसका पैसा देना पड़ता है। ऐसा करने वाले पेट्रोल पंप कर्मचारी ग्राहकों का ध्यान बांटते हैं ताकि वे पाइप की ओर नजर न ला सकें। वे बातचीत में ग्राहकों को उलझा लेते हैं और अपनी चालाकी से कम तेल गाड़ी के टैंक में भरते हैं। ग्राहकों को जरा भी इल्म नहीं होता कि उनके साथ ऐसी धोखाधड़ी हो रही है।

1000 की जगह सिर्फ 800 रुपये का तेल

ग्राहकों से धोखाधड़ी के लिए मैथमेटिकल ट्रिक का इस्तेमाल किया जा रहा है। अगर एक ग्राहक 1000 का तेल भरवाना चाहता है तो पेट्रोलपंप कर्मी पहले 200 रुपये का तेल भरेगा। इसके बाद वह फिर पूछेगा कि कितने का तेल भरना है। ग्राहक उसे फिर बताएगा तब तक बिना मीटर को जीरो पर सेट किए वह तेल भरना शुरू कर देता है। वह सिर्फ 800 का पेट्रोल भरता है और ग्राहक को 200 रुपये का चूना लगा देता है। क्योंकि मीटर में पहले से 200 तेल भरा जा चुका था।

मीटर से भी करते हैं छेड़छाड़

मीटर से छेड़छाड़ करके भी ग्राहकों को पेट्रोलपंप कर्मी लूट रहे हैं। अगर ग्राहक 500 रुपये का तेल मांगता है तो कर्मचारी मीटर को 500 पर सेट कर देता है और तेल भरना शुरू करता है। बीच में वह ग्राहकों का ध्यान भटकाकर मीटर से छेड़छाड़ करता है और रीडिंग को आगे बढ़ा देता है। ज्यादातर ग्राहक बिना इस पर ध्यान दिए 500 रुपये चुकाते हैं। इस पर नजर रखने का एक बेहतर तरीका है। अगर पेट्रोल पंप कर्मचारी मीटर पर 500 रुपये दर्ज करता है तो गिनती वैसी रहेगी लेकिन अगर 'सिर्फ 500' दर्ज करेगा तो डिस्प्ले ब्लिंक करने लगेगा।

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English summary
With the number of vehicles plying on the road increasing every year, fuel prices are skyrocketing. Many petrol bunk owners are cheating customers and pocketing the money. How petrol pumps cheat your money. Here's how customers are being hoodwinked at petrol bunks.
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