नोटबंदी को नीरव मोदी ने ऐसे बना दिया था मजाक, टीवी चैनल का खुलासा
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नई दिल्ली। साल 2016 की 8 नवबंर की रात 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश के दौरान नोटबंदी की घोषणा की थी तो पूरा देश चौंक गया था। इस ऐलान के बाद 11 नवंबर से बैंकों के सामने लंबी-लंबी लाइनें लगनी लगीं। जिनके पास 500 और 1,000 रुपए की करेंसी थी वो बदलवाने के लिए बैंक की लाइनों में लगा था। यह तो सबको पता है। लेकिन अब एक बड़ा खुलासा हुआ है। यह खुलासा पंजाब नेशनल बैंक के 11,500 करोड़ रुपए का घोटाला कर विदेश फरार होने वाले नीरव मोदी और नोटबंदी दोनों से जुड़ा है। सोमवार को CNN-News18 ने खुलासा किया कि कैसे नीरव मोदी की फर्म ने 8 नवंबर 2016 के बाद हाईप्रोफाइल ग्राहकों की मदद के लिए बैक डेट में सेल्स कर , नोटबंदी के फैसले का मजाक बना दिया।

CNN-NEWS18 ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि...
CNN-NEWS 18 ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भ्रष्टाचार को रोकने और काले धन को खत्म करने के लिए नोटबंदी के चलते पुराने नोटों को बदलने के लिए लोग लाइन में लगे थे लेकिन नीरव मोदी ने ऐसा कुछ नहीं किया। CNN-NEWS 18 ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि , 'सरकार दावा कर रही है कि नोटबंदी सफल रही है, लेकिन एक ऐसा व्यक्ति था जिसने उसका मजाक बना दिया था।'

52,000 लोग आए!
रिपोर्ट के अनुसार फर्म की ओर से दावा किया गया है कि हैदराबाद में स्थित नीरव मोदी की आभूषण फर्म में 8 नवंबर 2016 को 9 बजे (घोषणा के एक घंटे के बाद ) के बाद कई लोग (करीब 52,000 ग्राहक) थे जो ज्वेलरी फर्म में आए थे ताकि उनकी नकदी को आभूषण में बदल सकें।' लेकिन आयकर विभाग की मई 2017 की एक रिपोर्ट के अनुसार सिक्योरिटी गार्ड ने कहा कि फर्म में कोई नहीं आया था।

खरीद का जिक्र बैक डेट में
CNN-NEWS 18 के अनुसार नीरव मोदी की कंपनी ने 8 नवंबर को नोटबंदी के हुई बिक्री का जिक्र बैक डेट में किया है। जो दावा किया गया है कि कंपनी के परिसर में 8 से 9 बजे के बीच में 52,000 लोग आए थे वो सारी बिक्री नोटबंदी के बाद के दिनों में की गई है जिसे बैकडेट में एंट्री दी गई।

बोगस बिक्री के जरिए एंट्री हुई
CNN-NEWS 18 के अनुसार वास्तव में सारी बिक्री नोटबंदी के बाद हुई। जिस पर फर्म की ओर से दावा किया जा रहा है कि सभी लोग 8 नवंबर को 9 बजे के बाद आए लेकिन इसकी कोई जानकारी नही है। उन्होेंने सारी डिटेल्स बैक डेट सेल्स में एंट्री कर दी है। फर्म ने पैन की रिपोर्टिंग से बचने के लिए बड़े एमाउंट्स को छोटे छोटे टुकड़ों में कर बिक्री दिखाई ताकि पैन नंबर देने से बचा जा सके।

अब तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं
स्रोतों का हवाला देते हुए,CNN-News18 की रिपोर्ट में आगे दावा किया गया कि नोटबंदी की घोषणा के बाद ही नीरव ने हाई प्रोफााइल ग्राहकों के 'एक दिन में 90 करोड़ रुपये की बेहिसाबी नकदी का आदान-प्रदान करने में मदद की।' हालांकि, मई 2017 में इनकम टैक्स की रिपोर्ट दर्ज की गई थी, अब तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।












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