खाड़ी देशों में रहकर कश्‍मीर के माहौल को कैसे बिगाड़ रहे व्‍यापारी

श्रीनगर। राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जम्‍मू कश्‍मीर में मौजूदा हालात के बीच ही इस बात की जांच कर रही है कि यहां पर जारी अशांति की आग को फैलाने के लिए आखिर कहां से पैसा आ रहा है। एनआईए अपनी जांच में उन बिजनेसमेन
पर खास नजर रखे हुए है जो कश्‍मीर के हैं और इन दिनों सऊदी अरब में बिजनेस करते हैं।

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तैयार हुई कश्‍मीरी व्‍यापारियों की लिस्‍ट

एनआईए को इस बात की जानकारी मिली है कि कुछ बिजनेसमैन हवाला जैसे पुराने माध्‍यमों का प्रयोग करके घाटी में रकम भेज रहे हैं तो कुछ ऐसे भी हैं जो सामान के बिल के जरिए यहां पर पैसा भेजने में लगे हुए हैं। एनआईए अब उन व्‍यापारियों की एक लिस्‍ट तैयार कर रही है जो खाड़ी देशों में रहकर बिजनेस कर रहे हैं।

हवाला से अलग एक नई ट्रिक

एनआईए को जो जानकारी मिली है कि उसके मुताबिक इन व्‍यापारियों ने कश्‍मीर में मौजूद अकाउंट्स में पैसा ट्रांसफर किया है। पैसे के लेन-देन का कवर-अप करनके लिए बिल के जरिए पैसा भेजने में लगे हैं।

एनआईए सूत्रों के मुताबिक कश्‍मीर के व्‍यापारियों को अब हवाला के जरिए एक नया तरीका मिल गया है जिसका प्रयोग वह हालातों को बिगाड़ने के लिए करने में लगे हुए हैं।

अब तक 30 करोड़ की रकम भेजी गई

नौ जुलाई से लेकर अब तक राज्‍य में माहौल को गर्म रखने के लिए करीब 30 करोड़ रुपए भेजे जा चुके हैं। इस दिशा में की गई जांच में एनआईए को पता चला कि राज्‍य के 10 अलग-अलग खातों में संदिग्‍ध तरीकों से पैसा आया है। कुछ खातों में तो 10 लाख से भी ज्‍यादा की रकम आई है।

पाक की नजर कश्‍मीरी व्‍यापारियों पर

बिल बनाकर पैसा भेजने का मकसद बैंकों की सस्पिशियस ट्रांजैक्‍शन रिपोर्ट (एसटीआर) से बचना था। पाकिस्‍तान के आतंकी संगठन अब उन कश्‍मीरी व्‍यापारियों का पता लगा रहे हैं जो खाड़ी देशों खासकर सऊदी अरब में रह रहे हैं। वहीं जांच एजेंसियों के एक और बात भी पता चली है कि पिछले माह बैंकों से बड़ी संख्‍या में लोगों ने पैसे निकाल लिए थे।

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