तो देश के लिए खतरनाक हो सकता है आधार कार्ड

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में सरकार से साफ कर दिया कि वह आधार के लिए जुटाई गई जानकारियों को सीबीआई या फिर दूसरी एजेंसियों के साथ हरगिज शेयर नहीं करेगी और न ही वह किसी भी व्यक्ति को आधार नंबर न होने की दशा में किसी सरकारी सुविधा से वंचित करेगी। इस फैसले के आने के बाद ही यूआईडीएआई के चेयरमैन और अब साउथ बेंगलूर से कांग्रेस के उम्मीदवार नंदन नीलेकणी ने अपने फेसबुक पेज पर कुछ जानकारियाें को साझा किया।
नागरिकता की नहीं कोई गारंटी
जब हम इन जानकारियों को पढ़ रहे थे तो उसमें मौजूद एक प्वाइंट पर आकर हमारी नजरें ठिठक गईं। इस प्वांइट में नीलेकणी ने खुद इस बात की पुष्टि की थी कि आधार नंबर आपको नागरिकता की कोई गारंटी नहीं देता है बल्कि कोई भी व्यक्ति जो इस देश में रह रहा है, आधार नंबर को हासिल कर सकता है। नीलेकणी के मुताबिक आधार कार्ड पर भी यह साफ-साफ अंकित है कि आधार नंबर देश की नागरिकता का कोई सुबूत नहीं है।
हमने इस बात को काफी देर तक सोचते रहे कि आधार नंबर भले ही नागरिकता की कोई गारंटी न हो लेकिन कहीं न कहीं देश में दूसरे देश से आने वाले नागरिक इसके दम पर सरकारी सुविधाओं का फायदा तो उठा ही सकते हैं। अगर यह लोग सरकारी सुविधाओं का फायदा उठा सकते हैं तो हो सकता है कि यह देश के खिलाफ किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए भी आधार नंबर का प्रयोग कर लें क्योंकि खुद नीलेकणी के मुताबिक आधार नंबर इस देश में रहने वाला कोई भी व्यक्ति इसको हासिल कर सकता है।
क्यों हो सकता है खतरनाक
आधार परियोजना के खिलाफ जिन लोगों ने आवाज उठाई और सुप्रीम कोर्ट में इसके खिलाफ एक याचिका दायर की उनमें बेंगलूर का एक एनजीओ सेंटर फॉर इंटरनेट एंड सोसायटी भी शामिल था। इस एनजीओ के संस्थापक और टेक्निकल एक्सपर्ट सुनील अब्राहम ने हमें आधार कार्ड में मौजूद खतरों के बारे में बताया। यूआईडी के जरिए देश के नागरिकों को अमेरिका के सोशल सिक्योरिटी नंबर की तर्ज पर एक यूनिक नंबर देने की शुरुआत आधार के तहत की गई। सुनील ने हमें जो जानकारी दी उसके मुताबिक यूआईडी से पहले देश में स्कोस्टा नामक परियोजना का ढांचा तैयार किया गया था। एक स्मार्ट कार्ड के तहत नागरिकों को उनकी खास पहचान देने की तैयारी थी और इसे नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर की ओर से विकसित किया गया था। स्कोस्टा में एक पब्लिक प्राइवेट की और एक पिन ऑथेंटिकेशन नंबर भी दिया गया था।
डाटा खोने का डर
वहीं यूआईडी या आधार के तहत किसी भी व्यक्ति के फिंगरप्रिंट्स और आईआरआईएस स्कैन उसकी पहचान का सुबूत होते हैं। इसके तहत एक सेंट्रलाइज्ड डाटाबेस में सुरक्षित बायोमिट्रिक डाटा को कंपेयर करके किसी भी व्यक्ति के बारे में जांच की जाती है। यूआईडी एक सिमेट्रिक ऑथेंटिकेशन फैक्टर पर आधारित है।
सुनील कहते हैं कि यूआईडी और स्कोस्टा का यही अंतर इन्हें एक दूसरे से अलग कर देता है। सुनील के मुताबिक अगर स्कोस्टा के तहत आपको स्मार्ट कार्ड और पिन चोरी हो जाए तो आप उसे ब्लॉक करा सकते हैं। इसके बाद आपको नया स्मार्ट कार्ड और पिन मिल सकेगा। लेकिन अगर आपकी बायोमिट्रिक आईडेंटीटी चोरी हो गई तो फिर इस बात की पूरी संभावना है कि आपकी आईडेंटीटी का गलत प्रयोग हो जाए।
सुनील के मुताबिक यह बिल्कुल आपके एटीएम कार्ड के ही जैसा है जिसके एक बार खो जाने पर आप उसे ब्लॉक करा सकते हैं। लेकिन एक बार अगर आपके बायोमीट्रिक्स अगर खो गए या फिर चोरी हो गए तो फिर आप कुछ नहीं कर सकते हैं। यूआईडी सिमेट्रिक ऑथेंटिकेशन फैक्टर पर आधारित है इसलिए डाटाबेस सेंट्रलाइज्ड होगा और सेंट्रलाइज्ड डाटाबेस अगर एक बार खो जाए तो उसे हासिल करना काफी मुश्किल होता है। वहीं स्कोस्टा में डाटाबेस डि-सेंट्रलाइज्ड होता है और ऐसे में डाटा के खो जाने पर इसके दोबारा हासिल करने की संभावना होती है।
सुनील कहते हैं कि जब देश में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को आधार नंबर हासिल हो सकता है तो फिर वह इस नंबर के बल पर कई तरह के काम को भी अंजाम दे सकेगा। ऐसे में यह कहना कि वह इस नंबर का प्रयोग देश के खिलाफ नहीं करेगा गलत होगा।
-
IPL 2026 के बीच क्रिकेट जगत में पसरा मातम, सचिन के पहले शतक के 'असली हीरो' का निधन! शराब ने डुबोया करियर -
Sonali Bendre Caste: पंजाबी गोल्डी की आंखों में बसने वाली सोनाली बेंद्रे की क्या है जाति? -
भारत में बनेगा दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम, 1 लाख दर्शक क्षमता, अहमदाबाद को टक्कर देने की तैयारी -
US-Israel-Iran War: Khamenei के सलाहकार Kamal Kharazi पर एयर स्ट्राइक, पत्नी की मौत, कितने हैं बच्चे? -
Ex IPS Shivdeep Lande: 'तुमने मुझे झकझोर दिया', कौन हैं लांडे? क्यों हुए बीवी के सामने नतमस्तक? -
AAP ने राघव चड्ढा को राज्यसभा उपनेता पद से क्यों हटाया? किसे दी जगह? पार्टी की कोई नई रणनीति?- समझें -
LPG Price Today: आज फिर से बढ़े सिलेंडर के दाम? आपके शहर में क्या है एलपीजी का रेट? -
Hanuman Jayanti 2026 : हनुमान जयंती पर मंगल का गोचर, इन 4 राशियों की बदलेगी किस्मत, शुरू होगा गोल्डन टाइम -
आम जनता को राहत! इन प्रोडक्ट पर Customs Duty खत्म, बाजार जाने से पहले चेक करें क्या होगा सस्ता? -
IPL 2026 के बीच दिग्गज खिलाड़ी ने लिया संन्यास, अचानक आखिर क्यों लिया यह फैसला? -
रहस्यमयी तरीके से कहां गायब हुईं 'वीराना' की भूतनी Jasmine Dhunna? 38 साल से हैं लापता, अनसुलझे हैं 3 सवाल -
Iran Donation Money: खामेनेई की मौत के बाद भारत में जुटाया गया मोटा चंदा क्यों ईरान नहीं जा सकता? क्या होगा?












Click it and Unblock the Notifications