चीनियों को वीजा- मोदी की राय को नहीं मानता गृह मंत्रालय
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) बिजनेस वीजा लेकर भारत आने के इच्छुक चीनी नागरिकों के लिए भारत का सफर आसान होता नजर नहीं आता। माना जा रहा है कि गृह मंत्रालय ने साफ कर दिया कि बिजनेस वीजा पर भारत आने वाले चीनियों की भी पड़ताल जारी रहे सुरक्षा कारणों के चलते।

हालांकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चाहते हैं कि ब्रिक्स देशों के नागरिकों को एक दूसरे के देशों में सफर करने को सरल और सुगम बनाया जाए। भारत और चीन भी ब्रिक्स देशों के समूह के मेंबर हैं। सूत्रों ने बताया कि अभी हाल ही में इस बात गृह मंत्रालय के आला अफसरों ने विदेश मंत्रालय को अपनी राय से अवगत करवाया।
दो विभाग भिड़े
इससे पहले चीन के टुरिस्टों को भारत आने पर वीजा देने के सवाल पर केन्द्र में मोदी सरकार के दो विभाग आमने-सामने हैं। टुरिज्म मिनिस्ट्री की चाहत है कि चीन से आने वाले पर्यटकों को फौरन वीजा दे दिया जाए। यानी वीजा आन अराइवल। सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्रालय मानता है कि ये कदम ठीक नहीं रहेगा। बेहतर होगा कि वीजा देते वक्त सख्ती बरती जाए। हरेक टुरिस्ट को वीजा ना दिया जाए।
मोदी की चीन यात्रा
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी मई महीने में चीन यात्रा पर जा रहे हैं। इसलिए कुछ जानकारों का कहना है कि सरकार चीन से आने वाले टुरिस्टों को लेकर कोई बड़ी घोषणा करने वाली थी। पर, दो मंत्रालयों के बीच विवाद से मामला लटक सकता है।
दरअसल टुरिज्म मिनिस्ट्री ने इस प्रस्ताव पर काम करना भी शुरू कर दिया था कि ब्रिटेन के साथ-साथ चीन से आने वाले यात्रियों को यहां एयरपोर्ट पर ही वीजा दे दिया जाए। सूत्रों का कहना है कि गृह मंत्रालय चीन को लेकर बहुत जल्दी या किसी तरह की हड़बड़ी करने के पक्ष में नहीं है।
वीजा आन अराइवल
इस बीच, गृह मंत्रालय के अधिकारी राजनाथ सिंह को समझा रहे हैं कि चीन के पर्यटकों को वीजा आन अराइवल देने से देश की आतंरिक सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। खुफिया एजेंसियों की सूचना के आधार पर ही गृह मंत्रालय को इस तरह का फीडबैक मिल रहा है। जानकारों ने साफ किया कि गृह मंत्रालय की राय की प्रधानमंत्री मोदी भी अनदेखी नहीं करेंगे।












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