नागालैंड की घटना पर लोकसभा में गृहमंत्री ने जताया दुख, कहा- स्थिति पर है केंद्र की नजर
नई दिल्ली, 6 दिसंबर: नागालैंड हिंसा का मामला सोमवार को संसद में भी उठा, जिसके बाद गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में जवाब दिया। उन्होंने मोन जिले में 14 नागरिकों की मौत पर गहरा खेद व्यक्त किया। साथ ही सभी सदस्यों को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार स्थिति पर नजर रख रही है और लगातार राज्य सरकार के संपर्क में है। मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन भी किया गया है।

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गृहमंत्री ने आगे कहा कि ये गलत पहचान का मामला है। सेना के 21 पैरा कमांडों यूनिट को जानकारी मिली थी कि मोन जिले के तिरु इलाके में संदिग्ध विद्रोही मूवमेंट कर रहे हैं। इस वजह से सेना ने पूरी प्लानिंग के साथ वहां पर जाल बिछाया। तभी शाम के वक्त वहां से एक गाड़ी गुजरी, जिसको जवानों ने रुकने का इशारा किया, लेकिन ड्राइवर ने स्पीड बढ़ा दी। जिस पर जवानों को लगा कि इसमें संदिग्ध हैं और उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। उस वाहन में 8 लोग सवार थे, जिसमें से 6 की मौत हो गई।
शाह के मुताबिक घटना के बाद 2 घायलों को सेना के अस्पताल में भर्ती करवाया गया, लेकिन स्थानीय लोगों ने सेना की टुकड़ी को घेर लिया था और उनका वाहन जला दिया। उस दौरान हुई हिंसा में 1 जवान की मौत हुई। इसके बाद भीड़ को हटाने के लिए जवानों को मजबूरन गोली चलानी पड़ी, जिस वजह से 7 अन्य नागरिकों की मौत हुई। ऐसे में अब तक घटना में कुल 14 लोगों की मौत हुई है।
उन्होंने सदन को बताया कि मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। वहीं एक एसआईटी का भी गठन किया गया है, जो एक महीने के अंदर रिपोर्ट देगी। गृहमंत्री ने आश्वासन दिया कि भविष्य में सुरक्षाबल कार्रवाई के दौरान ध्यान रखेंगे कि किसी नागरिक को चोट ना पहुंचे।












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