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महाराष्‍ट्र में एनसीपी सुप्रीमो के खिलाफ हुआ हिंदू संगठन, शरद पवार को बताया हिंदू विरोधी, जानें पूरा मामला

The National Varkari Council, the principal organization of devotees of Lord Shri Vitthal, has termed Nationalist Congress Party (NCP) President Sharad Pawar as anti-Hindu.भगवान श्री विठ्ठल के भक्तों की प्रमुख संस्था राष्ट्रीय वारकरी परिषद ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) अध्यक्ष शरद पवार ह

बेंगलुरु। महाराष्‍ट्र में महाविकास अघाड़ी सरकार गठबंधन सरकार में शामिल एनसीपी प्रमुख शरद पवार को हिंदू संगठन न हिंदू विरोधी करार दिया गया है। इनता ही नहीं उन्‍होंने कहा है कि शरद पवार हिंदू विरोधी है उन्‍हें किसी भी कार्यक्रम में मत बुलाओ।

इस संस्‍था ने लगाया है हिंदू विरोधी होने का आरोप

इस संस्‍था ने लगाया है हिंदू विरोधी होने का आरोप

भगवान श्री विठ्ठल के भक्तों की प्रमुख संस्था राष्ट्रीय वारकरी परिषद ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) अध्यक्ष शरद पवार हिन्दू विरोधी करार दिया हैं । संस्‍था ने उन पर हिंदू विरोधी होने का आरोप लगाते हुए उनका बहिष्कार करने का फैसला किया है। परिषद प्रमुख वक्ता महाराज ने वारकरी समुदाय के किसी भी कार्यक्रम में शरद पवार को न आमंत्रित करने की बात कहीं। परिषद की तरफ से जारी परिपत्रक में वक्ते महाराज ने कहा है कि पवार को वारकरी समुदाय के किसी भी कार्यक्रम में न बुलाया जाए। माना जा रहा है इससे विवाद बढ़ सकता हैं।

पैसों के लालच में न आएं संस्‍थाएं

पैसों के लालच में न आएं संस्‍थाएं

परिषद के वक्ते महाराज का कहना है कि पवार हमेशा से हिंदू धर्म का विरोध करते रहते हैं। कभी रामायण पर कटाक्ष करते हैं। वह कहते हैं कि रामायण की आवश्यकता नहीं है। पांडुरंग की पूजा में गैरहाजिर रहते हैं। पवार नास्तिक मंडली को समर्थन देते हैं। उन्होंने कहा कि पवार रामायण को अप्रासंगिक तक बताते आए हैं और न ही वे पांडुरंग की पूजा में शामिल होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पवार नास्तिक मंडलियों के साथ हैं। और ऐसे में अगर पैसों के लालच में उन्हें कोई कार्यक्रमों में बुलाता है तो यह अधार्मिक ही है। इसलिए वारकरियों के किसी भी कार्यक्रम में शरद पवार को न बुलाया जाए।

इन क्षेत्रों में है वारकरी संप्रदाया का दबदबा

इन क्षेत्रों में है वारकरी संप्रदाया का दबदबा

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे, मराठवाड़ा तथा विदर्भ क्षेत्र में विट्ठल भगवान पर आस्था रखने वाले वारकरी सम्प्रदाय का अच्छा खासा प्रभाव है। राष्ट्रीय वारकरी परिषद के वक्ते महाराज को 2018 में महाराष्ट्र सरकार ने ज्ञानबा तुकाराम पुरस्कार से भी सम्मानित किया था। इनका हिन्दू संगठनों पर काफी प्रभाव माना जाता है। इस संस्‍था के शरद पवार का बहिष्‍कार करने से इस क्षेत्र पर काफी असर पड़ेगा ।

वारकरी भगवान विट्ठल-रुक्मिणी में रखते हैं आस्‍था

वारकरी भगवान विट्ठल-रुक्मिणी में रखते हैं आस्‍था

वारकरी भगवान विट्ठल (श्रीकृष्ण)- रुक्मिणी पर आस्था रखते हैं। इस सम्प्रदाय को मानने वाले सोलापुर के पंढरपुर में स्थापित भगवान विट्ठल की परिक्रमा करते हैं तथा भजन कीर्तन करते हुए संयमित जीवन शैली में विश्वास रखने वाले हैं। यह सम्प्रदाय नाम स्मरण चिंतन अदि उपासना पद्धति को फॉलो करता है। इस सम्प्रदाय के प्रवर्तकों में संत ज्ञानेश्वर का महत्त्वपूर्ण स्थान है।

कुछ दिनों पहले एनसीपी नेता ने दे चुके हैं ये बयान

कुछ दिनों पहले एनसीपी नेता ने दे चुके हैं ये बयान

बता दें पिछली 21 जनवरी को महाराष्ट्र के पुणे में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रवादी नेता जीतेंद्र आव्हाड़ द्वारा दिए गए हिंदू विरोधी बयान पर भी बवाल मच चुका हैं। मैं यहां बैठे अपने हिंदू भाइयों से पूछना चाहता हूं, आपके पूर्वजों का अंतिम संस्कार कहां हुआ था? मुस्लिम बता सकते हैं कि उनके बाप-दादाओं की कब्र कहां हैं?

इस बयान को लेकर भाजपा तेलंगाना इकाई के मुख्य प्रवक्ता के. कृष्ण सागर राव ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा था कि हिंदुओं के अंतिम संस्कार पर जितेंद्र अवध की अपमानजनक टिप्पणी पूरे देश में हिंदुओं के लिए अपमानजनक और अनुचित है। राष्ट्रवादी नेता जीतेंद्र आव्हाड़ ने कहा है कि मुस्लिम उनके पूर्वजों को कहा दफनाया गया यह मुस्लिम बता सकते हैं लेकिन हिंदू पूर्वजों का अंतिम संस्कार कहा हुआ ये हिंदू नहीं बता सकते हैं। जीतेन्‍द्र के इस बयान पर भाजपा ने हमला बोल दिया था। तब भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने सवाल पूछते हुए कहा था कि यह इतना अपमानजनक हैं1 यह राजनीति का कौन सा रूप है? उन्‍होंने जीतेन्‍द्र से इस बात के लिए माफी मांगने की भी मांग की थी। इस मामले में भी शरद पवार चुप्‍पी साधे हुए थे।

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