कांग्रेस ने बीजेपी उम्मीदवार की नागरिकता पर उठाए सवाल तो हिमंत बिस्वा सरमा ने दिया ये जवाब
असम में भाजपा उम्मीदवार की नागरिकता पर सवाल उठाने के लिए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस की आलोचना की है। एक रैली के दौरान उन्होंने बताया कि सोनिया गांधी की राष्ट्रीयता के बारे में भी इसी तरह के सवाल उठाए जा सकते हैं। कांग्रेस ने धोलाई निर्वाचन क्षेत्र में अपने अभियान के दौरान भाजपा उम्मीदवार निहार रंजन दास की नागरिकता पर सवाल उठाया था।
रैली में सरमा ने कहा, 'अगर आप (कांग्रेस) निहार रंजन को 'बांग्लादेशी' कहते हैं, तो मैं भी सोनिया गांधी को 'इटैलियन' कहूंगा। अगर आपको लगता है कि मैं सोनिया गांधी या राहुल गांधी से डरता हूं, तो मैं आपको बता दूं कि मैं ऐसा नहीं हूं।' उन्होंने असम की बराक घाटी में बंगाली हिंदुओं का बचाव करते हुए कहा कि वे मूल रूप से विभाजन से पहले उस जगह से थे जो अब बांग्लादेश है।

सरमा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने विभाजन के बाद धार्मिक उत्पीड़न के कारण असम में बसे बंगाली हिंदुओं के लिए समस्याएं खड़ी की हैं। उन्होंने 1947 में भारत के विभाजन के लिए पार्टी को दोषी ठहराया, जिसके कारण ये समस्याएं पैदा हुईं। उन्होंने कहा, 'अगर आपने भारत का विभाजन नहीं किया होता, तो बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार नहीं होते।'
मुख्यमंत्री ने आगे दावा किया कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों को उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसी घटनाएं टेलीविजन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिखाई देती हैं। हालांकि, उन्होंने इन चिंताओं को दूर करने में विफल रहने के लिए कांग्रेस की आलोचना की और उन पर केवल नकारात्मक राजनीति करने का आरोप लगाया।
हिमंत बिस्वा सरमा कांग्रेस से ही बीजेपी में आए हैं। लेकिन, आज की तारीख में वह भाजपा के बहुत ही लोकप्रिय चेहरे बन चुके हैं और अपनी पुरानी पार्टी और खासकर उसके गांधी-नेहरू परिवार के प्रमुख नेताओं को करारा जवाब देने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते हैं।












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