हिमाचल में 'विपक्ष को दोष' देने से क्या होगा? विक्रमादित्य ने बताया क्यों नहीं खत्म हो रहा कांग्रेस का संकट

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार का संकट खत्म नहीं हो रहा है। पिछले हफ्ते सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार से इस्तीफे की पेशकश करने वाले पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने पार्टी की स्थिति से कांग्रेस आलाकमान को भी अवगत करा दिया है।

इससे पहले विक्रमादित्य सिंह ने चंडीगढ़ में पार्टी के सभी 6 बागी पूर्व विधायकों से मुलाकात की थी, जिन्हें राज्यसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में वोट डालने की वजह से विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया है।

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विक्रमादित्य के माध्यम से प्रियंका तक पहुंची बागियों की बात
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी के बागियों की शिकायतों को सुनने के बाद उन्होंने उनकी बातें पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल तक पहुंचा दी है। विक्रमादित्य सिंह ने दोनों कांग्रेस नेताओं से रविवार को मुलाकात की थी।

रिपोर्ट के मुताबिक विक्रमादित्य सिंह ने कहा है, 'मैंने दोनों ही पर्यवेक्षकों डीके शिवकुमार और भूपेंद्र सिंह हुड्डा को बताया था कि हमें उन 6 विधायकों से बात करनी चाहिए, जिन्होंने क्रॉस वोटिंग की थी, जिसकी वजह से राज्यसभा चुनाव में पार्टी का उम्मीदवार हार गया था।'

कांग्रेस एमएलए में भारी नाराजगी- विक्रमादित्य सिंह
उनके मुताबिक, 'उन्होंने मुझे बातचीत करने की मंजूरी दी। मैं उनसे मिला, उनकी चिंताएं सुनीं और वे जो चाहते थे, उसे दोनों वरिष्ठ नेताओं तक पहुंचा दिया, जिन्होंने मुझे बहुत ही धैर्य पूर्वक सुना। दोनों नेताओं (प्रियंका और वेणुगोपाल) ने माना कि हिमाचल प्रदेश के अंदर कांग्रेस एमएलए में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा है कि उन्हें दूसरे स्रोतों से भी इसी तरह के फीडबैक मिले हैं।'

बागियों के दूत बनकर कांग्रेस आला कमान से की मुलाकात
जब विक्रमादित्य सिंह से यह पूछा गया कि उन 6 बागी विधायकों की मुख्य मांग तो मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को पद से हटाना था, क्या उन्होंने ये बात बताई तो उन्होंने कहा, 'मैंने अपनी तरफ से ऐसा कुछ भी नहीं कहा, लेकिन हां बागी विधायकों ने मुझसे जो कहा, वह मैंने बता दिया। उनकी चिंताएं....उनकी मांगें..।'

'हर चीज का दोष विपक्षी दल पर देना समाधान नहीं है'
उन्होंने आगे बताया कि 'वास्तव में, हमने उन्हें अयोग्य कर दिया है, लेकिन मुझे उम्मीद है कि हमें बातचीत जारी रखनी चाहिए। हर चीज का दोष विपक्षी दल (बीजेपी) पर देना समाधान नहीं है। हमें पहले अपने घर को देखना चाहिए। विपक्षी पार्टी विरोधी के घर के अंदर के संकट का हमेशा फायदा उठाएगी। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम अपना घर दुरुस्त रखें।'

हिमाचल में अभी भी नेतृत्व संकट-विक्रमादित्य सिंह
उन्होंने कहा है कि हालांकि चीजें सही दिशा में चल रही हैं, लेकिन काफी धीरे-धीरे। उन्होंने चिंता जताई है कि लोकसभा चुनाव पास है और भाजपा ने पहली लिस्ट जारी करके तैयारियां भी शुरू कर दी है, लेकिन 'हम हिमाचल प्रदेश में अभी भी नेतृत्व संकट से जूझ रहे हैं।'

बागी विधायकों को 'काला नाग' कह चुके हैं सीएम सुक्खू
पिछले शुक्रवार को जब हिमाचल प्रदेश के 6 बार के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे ने पार्टी के 6 बागी विधायकों से मुलाकात की थी तो मुख्यमंत्री सुक्खू ने उन बागियों को 'काला नाग' कहकर संबोधित किया था।

विक्रमादित्य और उनकी मां बागी विधायकों के प्रति हैं नरम
इससे अंदाजा लग सकता है कि सीएम और उन बागियों के बीच किस हद की कड़वाहट है, जिसकी पैरवी न सिर्फ विक्रमादित्य सिंह, बल्कि उनकी मां और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी कर रही हैं।

उन्होंने एक टीवी चैनल से कहा था कि पार्टी के उन विधायकों को अयोग्य करार देने का फैसला 'जल्दबाजी' में लिया गया। उनके मुताबिक, 'उनकी गलती यही थी कि वह चाहते थे कि उनकी सुनी जाए। वे अचानक बागी नहीं हुए, इसमें काफी समय लगा। सुक्खू सरकार को इन बाकी विधायकों को सुनना चाहिए था।'

इस बीच सूत्रों का कहना है कि बुधवार को विक्रमादित्य सिंह हमीरपुर में एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं, जिसमें केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी हजारों करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने वाले हैं।

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