अगस्त में रिकॉर्ड हुई सीजन की अधिकतम बारिश, इस बार लंबा टिकेगा मानसून
नई दिल्ली। पिछला हफ्ता मानसून के लिहाज से काफी अच्छा रहा है। देश में इस दौरान इस मानसून सीजन की अधिकतम बारिश दर्ज हुई है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक 13 अगस्त से 19 अगस्त के बीच लंबी औसत अवधि की तुलना में 42 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है।

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आईएमडी के मुताबिक देश में पिछले हफ्ते 85.7 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिसमें मध्य भारत में 93 प्रतिशत अधिक बारिश, दक्षिणी प्रायद्वीप में 56 प्रतिशत, उत्तरी पश्चिमी भारत में 12 फीसदी अधिक बारिश हुई तो पूर्वी और उत्तरी पूर्वी क्षेत्र में 23 प्रतिशत कम बारिश हुई। लंबी अवधि औसत पिछले पचास वर्षों की बारिश के औसत को कहा जाता है।
अभी और टिकेगा मानसून
आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना था। एक सप्ताह के भीतर हमारे पास दो निम्न दबाव प्रणालियां थीं। एक 13 अगस्त को दूसरी 19 अगस्त को। मानसून की स्थिति अब बहुत सक्रिय है। ये दिखाता है कि इस बार मानसून सीजन इस बार आगे तक जा सकता है। सामान्य तौर पर अगस्त के आखिरी सप्ताह तक बारिश कम होने लगती है लेकिन इस बार मानसून जुलाई में कमजोर हुआ। अगस्त में एक बार फिर मानसून ने जोर पकड़ा और अभी जो स्थिति है उससे ये कहीं से नहीं लगता कि बारिश कम होने वाली है। 23 अगस्त से बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बन रहा है जिसके चलते अभी एक बार फिर से बारिश बारिश होगी।
मानसून वापसी की नई तिथि
आईएमडी ने 1971 से 2019 की मानसून वापसी के अध्ययन के आधार पर मानसून वापसी की नई सामान्य तिथि जारी की है। इसके मुताबिक इस बार मानसून 17 सितम्बर तक उत्तरी पश्चिमी क्षेत्र से लौट सकता है जो कि पिछली सामान्य तिथि से दो सप्ताह पहले है। इस बार मानसून तेजी से लौटने की भविष्यवाणी की गई है। 20 सितम्बर तक ये पूरे राजस्थान और उत्तरी गुजरात के कुछ क्षेत्र से लौट जाएगा। साथ ही चार से पांच दिनों की देरी से पंजाब और हरियाणा के पश्चिमी क्षेत्र से लौट जाएगा।
आईएमडी ने पिछले साल 9 अक्टूबर को मानसून वापसी की भविष्यवाणी की थी और अगले पांच दिनों के भीतर ही देश के अधिकांस हिस्सों से लौट गया था। पूरी तरह से वापस लौटने में मात्र 8 दिन लगे थे जबकि पहले मानसून को वापस होने में लगभग 45 दिन लगते थे।












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