सिर्फ जिम में पसीना बहाने से कम नहीं होगा वजन, IIT के ग्रेजुएट ने 18 किलो किया फैट लॉस, बताया सीक्रेट मंत्र

नई दिल्ली, 06 सितंबर। हर कोई अपने आपको फिट रखना चाहता है, अपना वजन कम करना चाहता है। इसके लिए लोग जिम जाते हैं, साइकिलिंग करते हैं, कार्डियो करते हैं, डाइट करते हैं। लोग वजन को कम करने के लिए काफी पसीना बहाते हैं। लेकिन आईआईटी के ग्रेजुएट ने बिना कार्डियो के अपना वजन 18 किलोग्राम करके हर किसी को चौंका दिया है। उन्होंने खास तकनीक से ना सिर्फ अपना वजन 18 किलोग्राम कम किया बल्कि जबरदस्त सुडौल शरीर बना लिया है, इनका ट्रांसफॉर्मेशन देखकर हर कोई इसे जानना चाहता है।

रेजिस्टेंट ट्रेनिंग पर जोर

रेजिस्टेंट ट्रेनिंग पर जोर

आईआईटी से अपनी पढ़ाई करने वाले सिद्धार्थ बेंगलुरू में रहते हैं, वह सर्टिफाइड फिटनेस और न्यूट्रिशन कोच हैं। उनका खुद का अपना यूट्यूब चैनल भी है। सिद्धार्थ ने अपनी फिटनेस जर्नी को साझा करते हुए कहा कि वजन कम करने में कार्डियो से ज्यादा असर रेजिस्टेंस ट्रेनिंग करती है। फैट लॉस में यह तकनीक 80-90 फीसदी अधिक प्रभावी है। वहीं कार्डियों से 10-20 फीसदी ही लाभ मिलता है।

सिर्फ कार्डियो से नहीं बनेगी बात

सिर्फ कार्डियो से नहीं बनेगी बात

सिद्धार्थ बताते हैं कि फैट लॉस के लिए कार्डियो को एक विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इसे वैकल्पिक तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन सिद्धार्थ ने आखिर क्यों कार्डियो की बजाए दूसरी तकनीक का इस्तेमाल किया इसकी वजह उन्होंने खुद बताई है। सिद्धार्थ कहते हैं कि कार्डियो से कहीं ज्यादा प्रभावी तरीका वजन कम करने के लिए अपनी डाइट का खास ध्यान देना होता है। प्रोटीन, फैट और कार्ब मैक्रो की अगर बैलेंस डाइट ली जाए तो इसके लाभ सबसे अधिक मिलते हैं।

क्या है कैलोरी का गणित

क्या है कैलोरी का गणित

सिद्धार्थ कहते हैं कि पूरे एक दिन यानि 24 घंटों में शरीर ने जितनी कैलोरी ली है उसका 20-25 फीसदी मैं कम करता हूं, इसके लिए डाइट में बदलाव करता हूं। अगर कोई व्यक्ति 2000 मेंटेनेंस कैलोरी लेता है तो उसे 400-500 कैलोरी को कम करना चाहिए। हमे सिर्फ 1500-1600 कैलोरी ही लेनी चाहिए। कैलोरी खपत कम करने से वजन कम होने लगेगा। सिद्धार्थ बताते हैं कि मैं सबकुछ खाता था, बस अपनी कैलोरी पर ध्यान रखता था।

प्रोटीन की सख्त जरूरत

प्रोटीन की सख्त जरूरत

यही नहीं सिद्धार्थ अपने कुल वजन का 1.16-1.8 ग्राम प्रोटीन प्रति किलोग्राम लेते हैं। जैसे-जैसे वजन कम होता है वह अपनी प्रोटीन की मात्रा में अंतर करते रहते हैं। जब सिद्धार्थ का वजन 78 किलोग्राम था तो वह 1.8 ग्राम के हिसाब से 140 ग्राम प्रोटीन लेते थे। जैसे-जैसे वजन कम हुआ उन्होंने अपना प्रोटीन इंटेक बदला। इसके साथ ही वह हर रोज 2 फल, हरी सब्जियां खाता थे जिससे उनके शरीर में फाइबर का इंटेक बना रहे।

 पर्याप्त नींद जरूरी

पर्याप्त नींद जरूरी

वजन कम कम करने के लिए डाइट के साथ ही वर्कआउट की सख्त जरूरत है। इसके साथ ही आपको पर्याप्त नींद लेना भी बहुत जरूरी है। इससे मसल्स ब्रेक की रिकवरी होती है। जब आप सोते हैं तो आपकी मसल रिकवर करती है। सोने का और उठने का समय जरूर से निर्धारित होना चाहिए। हर हाल में 8 घंटे की गहरी नींद लेनी चाहिए। दोपहर 2 बजे के बाद कैफीन का सेवन नहीं करना चाहिए। रात में सोने से 2-3 घंटे पहले खाना खा लेना चाहिए।

कैलोरी पर रखें ध्यान

कैलोरी पर रखें ध्यान

सिद्धार्थ बताते हैं कि फैट लॉस के लिए सीधे तौर पर कार्डियो कारगर नहीं होता है। इसके लिए आपको कैलोरी पर ध्यान देना होता है। अगर कोई एक दिन में 2300 कैलोरी बर्न करता है और सिर्फ 1800 कैलोरी ही लेता है तो उसके वजन में 500 कैलोरी के बराबर फैट लॉस होगा। यानि साफ है कि अगर आप घंटो कार्डियो करते हैं और कैलोरी को कम नहीं करते हैं तो आपका फैट लॉस नहीं होगा।

कम हो सकती हैं मसल्स

कम हो सकती हैं मसल्स

कार्डियो करने से शरीर को एक नुकसान यह भी होता है कि व्यक्ति का मसल्स मास कम होने लगता है। अगर शरीर में कैलोरी कम करके फैट लॉस किया जा रहा है और शरीर को लगता है कि मसल्स का कोई काम नहीं है तो वह मसल्स के मास को भी कम करने लगता है, लिहाजा आपको रेजिस्टेंस ट्रेनिंग पर जरूर ध्यान देना चाहिए। इसके लिए स्ट्रेंथ वर्कआउट, होम वर्कआउट जरूरी है।

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