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साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर आखिरकार हेमंत करकरे की बेटी ने तोड़ी चुप्पी

नई दिल्ली। मालेगांव ब्लास्ट में आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने जिस तरह से मुंबई हमले में शहीद हेमंत करकरे को लेकर विवादित बयान दिया था, उसके बाद आखिरकार करकरे की बेटी ने चुप्पी तोड़ी है। करकरे के शहीद होने के 11 साल के बाद उनकी बेटी का कहना है कि वह चाहती है कि हर कोई इस बात को याद रखे मेरे पिता मरते वक्त भी अपने शहर और अपने देश को बचा रहे थे, उन्होंने अपनी ड्यूटी को परिवार और अपनी जिंदगी से ज्यादा महत्ता दी।

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प्रेरणा स्त्रोत थे पिता

हेमंत करकरे की बेटी जुई नवारे का कहना है कि उसने मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी और भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का बयान पढ़ा है जिस तरह से उन्होंने मेरे पिता को लेकर कहा है। मैं उनके बयान की वजह से उनकी चर्चा करके उनका कद नहीं पद नहीं बढ़ाना चाहती हूं। मैं सिर्फ हेमंत करकरे के बारे में बात करना चाहती हूं, वह मेरे लिए एक प्रेरणा स्त्रोत हैं उनका नाम सम्मान के साथ लेना चाहिए।

आतंक का कोई धर्म नहीं होती

नवारे ने कहा कि उनके पिता ने सिखाया था कि आतंक का कोई धर्म नहीं होता है, कोई भी धर्म किसी को मारना नहीं सिखाता है, वह इस विचारधारा को हराना चाहते थे। अपने जीवन में उन्होंने हर किसी की मदद की। मरते वक्त भी वह अपने शहर और देश को बचाने में लगे थे। वह अपनी वर्दी को बहुत प्यार करते थे, वह अपनी जान से ज्यादा अपनी ड्यूटी को निभाने पर विश्वास रखते थे, मैं चाहती हूं कि लोग उन्हें इसी तरह से याद रखें।

भोपाल से भाजपा उम्मीदवार

बता दें कि भाजपा ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को भोपाल से उम्मीदवार बनाया है, वह कांग्रेस के दिग्विजय सिंह को यहां से चुनौती दे रही हैं। प्रज्ञा ठाकुर को अक्टूबर 2008 में मुंबई में मालेगांव धमाके के आरोप में एटीएस ने गिरफ्तार किया था, उनके साथ ही 11 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया था। उस वक्त एटीएस के चीफ हेमंत करकरे थे।

मां को रहती थी फिक्र

नवारे ने बताया कि उनके पिता मालेगांव धमाके की जांच में बहुत व्यस्त रहते थे, मेरी मां को उनकी काफी फिक्र रहती थी, उन्हें डर लगता था। बता दें कि करकरे की पत्नी की 2014 में ब्रेन हैमरेज की वजह से मृत्यु हो गई थी। इस मामले में मैंने उनकी जांच का पूरा समर्थन किया था। मैं जानती थी कि मेरे पिता जो कुछ कर रहे हैं सही होगा। वह ऐसे अधिकारी थे जो कानून का पालन करते थे। मैं उन्हें बतौर उनकी बेटी जानती हूं, उनके जैसा व्यक्ति हमेशा न्याय ही करेगा। मैं यह हमेशा से जानती थी, लेकिन मैंने कभी कुछ कहा नहीं।

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