Heatwave Insurance: क्या है हीटवेव इंश्योरेंस, जिसमें तापमान 40 पार जाने पर मिलते 1600 रुपए, कौन हैं पात्र?
Heatwave Insurance: हीटवेव इंश्योरेंश (तापमान बीमा) योजना क्लाइमेट रेजिलिएंस फॉर ऑल (सीआरए) और सेल्फ एम्प्लॉइड विमेन एसोसिएशन (सेवा) ने शुरू की है, जिसमें अधिकतम तापमान 40 डिग्री
सेल्सियस से ज्यादा रहने पर 400 से 1600 रुपए मिलेंगे। योजना में राजस्थान, गुजरात, यूपी, असम, जम्मू कश्मीर, बिहार व महाराष्ट्र की ढाई लाख महिलाओं को शामिल किया गया है।

सोचो! अगर आसमां से आग बरस रही हो। तापमान 40 डिग्री पार जा चुका हो और इस तन झुलसा देने वाली गर्मी में काम करना आपकी मजबूरी हो। ऐसे में जिंदगी दांव पर लगाकर काम करने वाली महिलाओं के लिए हीटवेव इंश्योरेंश (तापमान बीमा) योजना मददगार साबित हो सकती है।
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देश में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। 21 अप्रैल 2025 को महाराष्ट्र का चंद्रपुर सबसे गर्म रहा है। यहां अधिकतम तापमान 45.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मइ-जून में भी गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं। इसीलिए अब दुनिया के अन्य देशों की तरह भारत में भी पैरामीट्रिक इंश्योरेंस होने लगी है।
हीटवेव इंश्योरेंस साल 2024 से शुरू हुई
मीडिया की खबरों के अनुसार 'क्लाइमेट रेजिलिएंस फॉर ऑल' (सीआरए) और 'सेल्फ एम्प्लॉइड विमेन एसोसिएशन (सेवा)' ने मिलकर साल 2024 में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह योजना शुरू की थी। शुरआत में योजना में राजस्थान, गुजरात व महाराष्ट्र की 50 हजार महिलाओं को शामिल किया गया था। अलग-अलग जिलों में मौसम अलग-अलग होने के कारण भुगतान राशि भी अलग-अलग होती है।
हीटवेव इंश्योरेंस 2025 में ढाई लाख महिलाएं
अब साल 2025 में हीटवेव इंश्योरेंस योजना का विस्तार किया गया है। इसमें राजस्थान, गुजरात व महाराष्ट्र के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, असम, जम्मू कश्मीर व बिहार की 2.5 लाख महिलाओं को शामिल किया गया है।
साल 2024 में 18 से 25 मई के बीच जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री से ज्यादा रिकॉर्ड हुआ था तो योजना के तहत 50 हजार में से 92 फीसदी महिलाओं को 400 से 1600 रुपए तक अतिरिक्त बीमा भुगतान किया गया था।
योजना का लाभ महिलाओं को ही क्यों?
भीषण गर्मी के कारण महिलाओं को चकते, सिरदर्द, यूटीआई व यहां तक की गर्भपात जैसे समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में हीटवेव इंश्योरेंस योजना के लिए वे महिलाएं ही पात्र हैं,जो भवन निर्माण, खेती, वेस्ट व रिसाइक्लिंग, सड़क पर सब्जी बेचना, मजदूरी जैसे काम कर रही हैं। योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को सेल्फ एम्प्लॉइड वुमंस एसोसिएशन (सेवा) की सदस्य बनना होगा।
क्या कहते हैं सीआरए के सीईओ?
दैनिक भास्कर में छपी खबर के अनुसार सीआरए के सीईओ कैथी बॉघमैन मैक्लॉड कहते हैं कि बीमा और नकद सहायता को मिलाकर भीषण गर्मी में महिलाओं की आय बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। जलवायु परिवर्तन महिलाओं को गरीबी की ओर धकेल रहा है। हीटवेव इंश्योरेंस योजना महिलाओं को अत्यधिक गर्मी में भी विकल्प व अवसर प्रदान करती है।












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