Heat Wave Alert: अब बढ़ेगा 'हीटवेव 'का खतरा, जानिए एक्सपर्ट की राय, सुरक्षा और बचाव

Heat Wave Alert: आने वाले सालों में देश में लू की स्थिति ज्यादा देखने को मिल सकती है। मौसम विशेषज्ञों ने इस बारे में गंभीरता से विचार करने की सलाह दी है।

Heat Wave

Heat Wave Alert: देश में बदलता मौसम केवल आम लोगों के लिए ही नहीं बल्कि वैज्ञानिकों के लिए भी पहेली बना हुआ है। मार्च के महीने में मई वाली गर्मी और मई के महीने में फरवरी वाली सर्दी से लोग परेशान है। तो वहीं एक्सपर्ट की नई रिपोर्ट लोगों को परेशान करने वाली है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में, उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी भारत और पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में जलवायु संकट देखने को मिलेगा। जिसकी वजह से इन एरिया में तीव्र गर्मी देखने को मिलेगी और हीटवेव की तीव्रता काफी बढ़ जाएगी।

भीषण गर्मी की तीव्रता बढ़ेगी

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), गांधीनगर में प्रोफेसर विमल मिश्रा ने कहा कि भविष्य में भीषण गर्मी की तीव्रता कई गुना बढ़ने की संभावना है और लोगों को झुलसाने की वाली गर्मी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ आंकड़ों की स्टडी करने पर पता चला कि 2022 के गर्मी माह में भारत और पाकिस्तान के कुछ इलाकों में तापमान पचास के करीब पहुंच गया था, और दोनों ही देशों में गर्मी की वजह से 90 मौतें हुई हैं, जो कि अच्छा संकेत नहीं है। इसलिए प्रभावित एरिया में संबंधित अधिकारियों को अभी से ही उचित रोकथाम करने शुरु कर देने चाहिए।

'मेगा हीटवेव' की संभावना

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि 2031 और 2060 के बीच 'मेगा हीटवेव' की संभावना है, जिससे प्रभावित एरिया के लोगों पर गहरा प्रभाव बढ़ने की संभावना है। हीटवेव के चलते लोगों में हार्ट और सांस के रोग बढ़ सकते हैं। तो वहीं गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक, गर्भधारण की परेशानी, अनिंद्रा , चिड़चिड़ापन जैसे बीमारी बढ़ने की भी संभावना है।

हीटवेव क्या है?

आईएमडी के अनुसार, हीटवेव हवा के तापमान की एक ऐसी स्थिति है जो मनुष्य के सेहत के लिए काफी हानिकारक होती है। यदि किसी स्टेशन का अधिकतम तापमान मैदानी इलाकों के लिए कम से कम 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए कम से कम 30 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तक पहुंच जाता है तो एक हीटवेव माना जाता है।

भारत में लू की अवधि

यह मुख्य रूप से मार्च से जून तक होता है लेकिन कभी-कभी जुलाई में भी लू चलती है, वैसे भारत में लू का पीक महीना मई ही होता है। इस महीने में प्रचंड गर्मी पड़ती है।

इन राज्यों में होता है हीटवेव का खतरा

पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्से, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल और तमिलनाडु ।

यहां से मिलेगी हीटेवेव की जानकारी

हीटवेव से जुड़ी जानकारी https://mausam.imd.gov.in/imd_latest/contents/all_india_forcast_bulletin.php और .gov.in/pages/heatwave_mausam.php है।

कैसे करें लू से बचाव

  • दिन में 12 बजे से 3 बजे तक धूप में बाहर ना निकलें।
  • घर से बाहर निकलले वक्त खुद को पूरी तरह से कवर रखें।
  • आंखों पर सनग्लासेस और सिर को टोपी, गमछे या दुपट्टे से बांधकर निकलें।
  • अपने साथ लिक्विड पदार्थ, एलेक्ट्रोलाइट्स, खाने-पीने की चीजें भी जरूर रखें।
  • अचानक एसी में बैठे रहने के बाद धूप में ना जाएं।
  • इससे भी लू, हीट स्ट्रोक की समस्या हो सकती है।
  • बाहर का खुला खाना-पीना ना खाएं।
  • पानी भी बाहर ना पिएं।
  • अगर बुखार आए, मन मिचलाएं या चक्कर आए तो लापरवाही ना करें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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