ऑक्सीजन की कमी पर संसद में बोले स्वास्थ्य मंत्री- 'सिर्फ पंजाब ने दी थी 4 मौतों की सूचना'
नई दिल्ली, 3 नवंबर: संसद में शुक्रवार को कोरोना वायरस और ऑक्सीजन की कमी का मुद्दा उठा, जहां पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने बताया कि मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों को पत्र लिखा गया था, जिसमें ऑक्सीजन की कमी से हुई मौत का डेटा मांगा गया। इस पर 19 राज्यों ने जवाब दिया, जिसमें केवल पंजाब ने ऑक्सीजन की कमी के कार चार संदिग्ध मौतों की सूचना दी।

स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि देश में कोरोना के 3.46 करोड़ मामले सामने आए हैं, जिसमें से अब तक 4.6 लाख मरीजों की मौत हुई। इसके अलावा भारत में प्रति मिलियन जनसंख्या पर 25,000 मामले और 340 मौतें दर्ज की गईं, जो दुनिया में सबसे कम है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार कमजोर स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। पिछली सरकारों ने बुनियादी ढांचे की अनदेखी की, जिसका परिणाम जनता को भुगतना पड़ा। पिछले 2 वर्षों में पीएम मोदी के नेतृत्व में निर्णय दिखाता है कि यह सरकार इच्छाशक्ति के साथ काम करती है।
Recommended Video
'सरकार पहले से थी सतर्क'
मांडविया ने आगे कहा कि भारत में पहला कोविड केस 13 जनवरी 2020 को केरल में सामने आया, लेकिन केंद्र द्वारा गठित संयुक्त निगरानी समिति की पहली बैठक 8 जनवरी 2020 को हुई थी। इसका मतलब है कि हम सतर्क थे, मामला दर्ज होने से पहले एक समिति बनाई गई थी और इसने काम करना शुरू कर दिया था। वैक्सीन पर उन्होंने कहा कि एक वक्त ऐसा था जब किसी टीके पर रिसर्च होता था, तो उसके अप्रूवल में 3 साल लग जाते थे, इस वजह से कोई शोध नहीं करना था। हमारी सरकार ने उस नियम को ही खत्म कर दिया, इसका नतीजा ये रहा कि एक साल के अंदर रिसर्च के बाद देश को वैक्सीन मिल गई।












Click it and Unblock the Notifications