किसानों के चक्का जाम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची हरियाणा सरकार, हाईवे को खोलने की उठाई मांग
चंडीगढ़, अक्टूबर 03। पिछले 10 महीने से केंद्र सरकार के कृषि कानूनों का विरोध कर रहे 43 किसान संगठनों ने दिल्ली की तीन सीमाओं को पूरी तरह से बंद किया हुआ है। कई बार ये मुद्दा चर्चा का विषय रहा है कि किसानों के प्रदर्शन की वजह से आम जनता को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी ये कहा था कि आप प्रदर्शन के नाम पर हाईवे जाम नहीं कर सकते। इस बीच हरियाणा सरकार ने भी अब किसानों द्वारा जाम किए गए हाईवे को खोलने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रूख किया है।

किसानों को गुमराह कर रहे हैं किसान संगठन- हरियाणा सरकार
हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है, जिसमें ये मांग की गई है कि किसानों ने जो हाईवे जाम किया हुआ है, कोर्ट उसे खोलने के आदेश दे। राज्य सरकार ने इस याचिका में 43 किसान संगठनों पर आरोप भी लगाया है कि इन संगठनों ने किसानों को फंसाने का काम किया है। सरकार ने कहा है कि ये संगठन संयुक्त किसान मोर्चा का हिस्सा हैं। राज्य सरकार ने कहा है कि किसान आंदोलन की अगुवाई करने वाले 40 से अधिक फार्म यूनियन का हिस्सा हैं।
हरियाणा सरकार ने दाखिल किया था हलफनामा
आपको बता दें कि हरियाणा सरकार ने पिछले हफ्ते माननीय सर्वोच्च न्यायालय को बताया था कि अंतरराज्यीय सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों से नाकेबंदी हटाने और यातायात को फिर से शुरू करने के हमने खूब प्रयास किए हैं और अभी किए भी जा रहे हैं। सरकार ने एक हलफनामे में कहा था कि हाईवे को ब्लॉक करने से आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने कहा कि हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि किसान संगठन सहयोग करने के लिए राजी हो जाएं और ट्रैफिक को फिर से शुरू किया जा सके।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा था जवाब
आपको बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और हरियाणा सरकार को हाईवे और रोड ब्लॉक का समाधान खोजने के लिए कहा था, जिसमें कोर्ट की तरफ से कहा गया था कि प्रदर्शनकारियों को एक निर्दिष्ट स्थान पर विरोध करने का अधिकार है, लेकिन यातायात को रोकना और हाईवे ब्लॉक करना नहीं कर सकते।












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