मैं हरियाणा CM से बात नहीं करूंगा, भले ही वो मुझे 10 बार फोन क्यों न करें: कैप्टन अमरिंदर सिंह
मैं हरियाणा CM बात नहीं करूंगा, भले ही वह मुझे 10 बार फोन क्यों ने करें
नई दिल्ली। कृषि कानून के खिलाफ हरियाणा और पंजाब के किसानों के दिल्ली चलो अभियान को रोकने के लिए हरियाणा सरकार की कार्रवाई से नाराज पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को दिए एक बयान में कहा है कि वो तब तक हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर से बात नहीं करेंगे जब तक कि हरियाणा की पुलिस द्वारा उन किसानों से माफी नहीं मांगी जाती।

बकौल अमरिंदर सिंह, हरियाणा के पुलिस हमारे किसानों को क्यों रोक रहे है? क्यों उन्हें उन पर गैस फायर करना पड़ा? मैंने पीएम और कृषि मंत्री से बात की है, इसलिए मैं खट्टर से बात क्यों नहीं कर सकता हूं? लेकिन वो इसमे विफल रहे है और अब मुझे इसके लिए दोषी ठहरा रहे हैं। मैं सीएम खट्टर से क्यों नहीं बात करूंगा, लेकिन पहले वो उन किसानों से माफी मांगे जिन पर उन्होंने हमला करवाए।
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सीएनएन न्यूज 18 को शनिवार को दिए बयान में पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर ने यह बयान हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर के उन आरोपों का जवाब देते हुए कहा, जिसमें खट्टर ने कहा था कि किसानों से बातचीत के लिए उन्होंने पंजाब सीएम से लगातर तीन से फोन कर रहा हूं, लेकिन वो जवाब नहीं दे रहे हैं। इस पर एक ताजा ट्वीट में पंजाब सीएम ने कहा कि खट्टर झूठ बोल रहे हैं कि उन्होंने मुझे पहले फोन करने की कोशिश की और मैंने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने आगे कहा, लेकिन अब जो उन्होंने मेरे किसानों के साथ किया है, उसके बाद मैं उनसे बात नहीं करूंगा, भले ही वह मुझे 10 बार फोन क्यों ने करें।

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इस दौरान पंजाब सीएम ने विरोध प्रदर्शनों में 'खालिस्तानी' के हस्तक्षेप के आरोपों की भी आलोचना करते हुए कहा कि क्या अमरिंदर एक खालिस्तानी हैं? उन्होंने कहा कि जब वे एक समस्या से निपटने में सक्षम नहीं होते हैं, तो वे दूसरों को दोष देना शुरू कर देते हैं। उन्होंने किसान आंदोलन में खालिस्तानी हस्तक्षेप को निराधार बताया।

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पंजाब सीएम ने आगे कहा, मैं किसानों के प्रदर्शन को लेकर हरियाणा सरकार के रुख को नहीं समझ सकता, क्योंकि दिल्ली सरकार ने किसानों को बैठक के लिए आमंत्रित किया, इसलिए वे दिल्ली की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन हरियाणा ने उन्हें क्यों रोका? मेरे पास जानकारी हैं कि अब तक 50,000 किसानों ने दिल्ली तक मार्च किया है। हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर क्या कहते हैं, इसकी परवाह किसे है? वो किसानों के आंदोलन को प्रायोजित होने का आरोप लगा रहे हैं, क्योंकि वो विफल रहे हैं।

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कैप्टन अमरिंदर के मुताबिक किसानों ने गाड़ियों को रोककर पंजाब में अपना आंदोलन शुरू किया, मैंने उनसे अपना विरोध समाप्त करने का अनुरोध किया और उन्होंने दिल्ली तक मार्च करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि नए कृषि कानूनों में किए गए प्रावधानों से राज्य के किसान डर गए हैं कि वे अपनी जमीन, बाजार और अपनी पुरानी व्यवस्था खो देंगे। वे उद्योगपतियों के साथ कैसे व्यवहार करें, इस बारे में निश्चित नहीं हैं।

केंद्र ने कहा है कि एमएसपी खत्म नहीं होगा, लेकिन किसान कुछ कानूनी आश्वासन चाहते हैं। पंजाब सीएम ने अंत में कहा, मैंने हमेशा कहा है कि सरकार को धर्म और 'पेट' के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।












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