Covaxinपर हेल्थ मिनिस्टर का बड़ा बयान, बोले-नए कोरोना स्ट्रेन पर हो सकती है अधिक असरदार
नई दिल्ली। कांग्रेस (congress) के कुछ नेताओं ने भारत बायोटेक(Bharat Biotech) के कोविड-19 वैक्सीन(Covid-19 vaccine) को मंजूरी देने पर चिंता जताई है। अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन(health minister Harsh Vardhan) ने कहा है कि ब्रिटेन(UK) में पाए गए वायरस के नये वेरिएंट (स्ट्रेन)(UK variant) के खिलाफ 'कोवैक्सीन'(Covaxin ) के कहीं अधिक कारगर रहने की संभावना है। यही नहीं हर्षवर्धन ने कहा कि, नेताओं को टीके की मंजूरी के लिए निर्धारित किये गये विज्ञान समर्थित प्रोटोकॉल की विश्वसनीयता पर सवाल नहीं उठाने चाहिए।

कोवैक्सीन को प्रोटोकॉल के तहत मिली मंजूरी: हर्षवर्धन
रविवार को कांग्रेसी नेता आनंद शर्मा, शशि थरूर और जयराम रमेश सहित कांग्रेस के कुछ नेताओं ने सीमित उपयोग के लिए भारत बायोटेक के कोविड-19 टीके को दी गई मंजूरी को लेकर गंभीर चिंता प्रकट की थी। उन्होंने कहा कि यह कार्य ‘जल्दबाजी ' में किया गया है और खतरनाक साबित हो सकता है। इस पर हेल्थ मिनिस्टर ने कहा कि, कोविड-19 टीकों को मंजूरी देने के लिए बखूबी निर्धारित किये गये विज्ञान समर्थित प्रोटोकॉल की विश्वसनीयता पर सवाल नहीं उठाइए। जाग जाइए और यह महसूस करिए कि आप सिर्फ खुद का अपमान कर रहे हैं।

'नए कोरोना स्ट्रेन पर वैक्सीन अधिक प्रभावी'
कोवैक्सीन टीके का बचाव करते हुए हेल्थ मिनिस्टर ने कहा कि, कोवैक्सीन के एन 501वाई (ब्रिटेन में पाए गये प्रकार) जैसे नये स्वरूपों और आगे चलकर सामने आने वाले इस वायरस के किसी अन्य प्रकारों के खिलाफ कहीं अधिक काम करने की संभावना है क्योंकि इसमें स्पाइक प्रोटीन के अलावा अन्य जीनों से लिये गये एपीटोप हैं। बता दें कि कोवैक्सीन को भारत बायोटेक ने आईसीएमआर के साथ मिलकर तैयार किया है।

'कोरोना संक्रमित हो चुके लोगों को नहीं दी जाएगी कोवैक्सीन'
एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, हर्षवर्धन ने कहा कि, क्लीनिकल ट्रायल मोड में कोवैक्सीन को मंजूरी मिली है जिसका मतलब यह भी है कि जिस व्यक्ति को पहले कोरोना संक्रमण हो चुका है उसको ये वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी क्योंकि ट्रायल में उनको ही वैक्सीन दी जाती है जिनको पहले संक्रमण नहीं हुआ है। इस बीच 'कोवैक्सीन' को लेकर AIIMS के डायरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा कि 'Covaxin' का इस्तेमाल बैकअप के तौर पर किया जा सकता है।

'कोवैक्सीन' वैक्सीन बैकअप के लिए है: गुलेरिया
गुलेरिया ने कहा कि अचानक से कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा होने पर हमें वैक्सीन की जरूरत पड़ेगी, तब हम भारत बायोटेक की 'कोवैक्सीन' का प्रयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक कि हम यह सुनिश्चित नहीं करते कि सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन कितनी प्रभावशाली है, तब तक इसका (कोवैक्सीन) उपयोग बैकअप के तौर पर भी किया जा सकता है।
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