Gyanvapi row: इलाहाबाद हाईकोर्ट आज करेगा श्रृंगार गौरी मामले पर सुनवाई
ज्ञानवापी मस्जिद विवाद: हिंदू पक्षकारों अधिनियम, 1958 के प्रावधानों के अनुसार 'शिवलिंग' की आयु, प्रकृति और अन्य घटकों को निर्धारित करने के लिए कार्बन डेटिंग द्वारा वैज्ञानिक जांच की मांग की है।

Gyanvapi row Allahabad High court: इलाहाबाद हाईकोर्ट आज ज्ञानवापी मस्जिद प्रबंधन की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करेगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट इस सुनवाई के दौरान श्रृंगार गौरी मामले पर विचार करेगी। ज्ञानवापी मस्जिद प्रबंधन की पुनर्विचार याचिका में वाराणसी की अदालत के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें मस्जिद परिसर में देवी-देवताओं की मूर्तियों की नियमित पूजा करने की अनुमति मांगी गई थी। अंजुमन इंतेज़ामिया मस्जिद, ज्ञानवापी मस्जिद प्रबंधन समिति ने उस याचिका के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे हैं, जिसमें पांच हिंदू महिलाओं द्वारा श्रृंगार गौरी और अन्य देवताओं की पूजा करने की अनुमति मांगी थी। ज्ञानवापी मस्जिद की दीवार पर श्रृंगार गौरी की मूर्तियां स्थित हैं।
हाई कोर्ट ने वाराणसी के जिला न्यायाधीश के आदेश को चुनौती देने वाली लक्ष्मी देवी और अन्य द्वारा दायर एक और पुनरीक्षण याचिका पर आगे की सुनवाई के लिए 18 जनवरी 2023 की तारीख तय की है। इससे पहले निचली अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में मिला 'शिवलिंग' की कार्बन डेटिंग की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था।
14 अक्टूबर 2022 को वाराणसी के जिला न्यायाधीश एके विश्वेश ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए शिवलिंग की वैज्ञानिक जांच और कार्बन डेटिंग की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था, ताकि कोई छेड़छाड़ न की जा सके। पांच हिंदू पक्षों में से चार ने अदालत द्वारा अनिवार्य वीडियोग्राफी सर्वेक्षण के दौरान पाए गए 'वजूखाना' के पास मस्जिद परिसर के 'शिवलिंग' की कार्बन डेटिंग की मांग की थी।
पुनरीक्षण याचिका में 16 मई 2022 को मिले 'शिवलिंग' के नीचे निर्माण की प्रकृति का पता लगाने के लिए उत्खनन की मांग की गई है। हिंदू पक्षकारों ने प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 के प्रावधानों के अनुसार 'शिवलिंग' की आयु, प्रकृति और अन्य घटकों को निर्धारित करने के लिए कार्बन डेटिंग द्वारा वैज्ञानिक जांच की मांग की है।












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