Gwalior Dabra Stampede: पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के कार्यक्रम में बड़ा हादसा, एक की मौत से मचा हड़कंप
Gwalior Dabra Stampede: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में मंगलवार को एक दुखद हादसा हो गया। पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा द्वारा आयोजित नवग्रह पीठ की कलश यात्रा के दौरान अचानक मची भगदड़ में एक महिला की मौत हो गई और सात अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
12 एकड़ में फैले इस भव्य मंदिर परिसर में 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह के लिए भारी जनसैलाब उमड़ा था। कुप्रबंधन और भारी भीड़ के कारण हुई इस घटना ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कलश यात्रा में मची जानलेवा भगदड़
डबरा में आयोजित इस कलश यात्रा के दौरान जब कलशों का वितरण किया जा रहा था, तभी भीड़ बेकाबू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, व्यवस्थाएं सीमित थीं और श्रद्धालु हजारों की संख्या में थे। धक्का-मुक्की ने जल्द ही भगदड़ का रूप ले लिया, जिसमें कई महिलाएं जमीन पर गिर गईं और दब गईं। हनुमान कॉलोनी की रहने वाली रति साहू की इस हादसे में जान चली गई। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद परिजनों ने प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश व्यक्त किया।
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पूर्व गृहमंत्री का कार्यक्रम और प्रशासनिक विफलता
यह भव्य धार्मिक आयोजन पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के सौजन्य से आयोजित किया जा रहा था, जो 20 फरवरी तक चलना है। इतने बड़े स्तर के कार्यक्रम में एम्बुलेंस और पुलिस बल की तैनाती तो थी, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करने का कोई ठोस प्लान नजर नहीं आया। डीआईजी अमित सांघी ने पुष्टि की है कि हादसा कलश वितरण के समय हुआ। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वीआईपी आयोजन के चक्कर में आम जनता की सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।
नवग्रह पीठ की अनोखी वास्तुकला और महत्व
डबरा का यह नवग्रह मंदिर अपनी वास्तुकला के लिए देशभर में चर्चा का विषय है। 12 एकड़ में फैला यह मंदिर ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के आधार पर 108 खंभों पर टिका है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ नवग्रहों के साथ उनकी पत्नियां भी विराजमान हैं, जो इसे देश का इकलौता ऐसा मंदिर बनाता है। मंदिर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ग्रह कभी एक-दूसरे के आमने-सामने न आएं और सूर्य के तेज को नियंत्रित करने के लिए विशेष जल संरचनाएं बनाई गई हैं।
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परिजनों का हंगामा और सुरक्षा पर सवाल
हादसे के बाद डबरा अस्पताल में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। रति साहू की मौत से नाराज परिजन शव को लेकर वापस कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए और धरना प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि यदि समय रहते भीड़ को संभाला जाता, तो यह जान बचाई जा सकती थी। गंभीर रूप से घायल विमला सहित अन्य सात लोगों का इलाज चल रहा है। 20 फरवरी तक चलने वाले इस लंबे उत्सव में अब श्रद्धालुओं के बीच डर का माहौल है और आयोजकों से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की जा रही है।












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