Gutkha scam: सीबीआई के छापे, प्रमोटर्स और निदेशकों सहित 4 लोग गिरफ्तार
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को कहा कि तमिलनाडु में कई करोड़ के गुटखा घोटाले के संबंध में जेयम इंडस्ट्रीज के प्रमोटर्स और निदेशकों, खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन और आबकारी विभाग के अधिकारी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई के एक सूत्र ने आईएएनएस से कहा कि एजेंसी ने जेयम इंडस्ट्रीज के प्रमोटर्स और निदेशकों एवी माधव राव और उमा शंकर गुप्ता को गिरफ्तार किया है। सूत्र ने कहा कि एजेंसी ने खाद्य सुरक्षा और औषधि विभाग के एक निर्दिष्ट अधिकारी पी सेंथिल मुरुगन और केंद्रीय आबकारी विभाग के अधीक्षक एनके पांडियन को गिरफ्तार किया है।

सीबीआई द्वारा यह गिरफ्तारी बेंगलुरु, मुंबई, पुड्डचेरी, तमिलनाडु के चेन्नई, तिरुवल्लूवर व तूतीकोरिन और आंध्रप्रदेश के गुंटूर में 35 जगहों पर छापा मारने के एक दिन बाद की गई है। एजेंसी ने तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री सी. विजयभाष्कर और पुलिस महानिदेशक टी.के. राजेंद्रन के परिसर में छापेमारी की थी। सीबीआई ने 29 मई को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत 26 अप्रैल को महाराष्ट्र उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देश के आधार पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क, तमिलनाडु सरकार, खाद्य सुरक्षा विभाग के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ घोटाले में मामला दर्ज किया था।
क्या है गुटखा स्कैम?
बता दें कि बीते साल 8 जुलाई 2017 को गुटखा स्कैम के बारे में पता लगा था। उस दौरान इनकम टैक्स विभाग ने तमिलनाडु में लगातार कई जगह छापे मारे थे। तब पान मसाला और गुटखा उत्पादकों के सेंटरों और घरों पर छापे मारे गए थे। इस दौरान करीब 250 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी का पता लगा था। इस साल अप्रैल में मद्रास हाईकोर्ट ने सीबीआई को इस घोटाले की जांच करने के आदेश दिए थे। इस मामले को लेकर डीएमके के नेताओं AIADMK पर आरोप लगाए थे। मामले की जांच के लिए डीएमके नेता ही सीबीआई जांच की मांग करते हुए याचिका दायर की थी।












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