Gurgaon Lok Sabha Chunav: गुरुग्राम में बाहरी बनाम लोकल की लड़ाई, बीजेपी और कांग्रेस में किसका पलड़ा भारी?

Gurgaon Lok Sabha Election: दिल्ली से सटी हरियाणा की गुड़गांव या गुरुग्राम लोकसभा सीट अपने आप में अनोखी है। इस संसदीय सीट में गुरुग्राम जैसा हाईटेक मिलेनियम सिटी भी है तो नूंह जैसा देश का बहुत ही पिछड़ा जिला भी। इस बार यहां दो बार से भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और अभिनेता से नेता बने कांग्रेसी दिग्गज राज बब्बर के बीच मुख्य मुकाबला है।

हालांकि, इस सीट पर जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) ने सिंगर-रैपर राहुल यादव या फाजिलपुरिया को टिकट देकर मुकाबले को दिलचस्प बनाने की कोशिश की है। गुरुग्राम में इस बार भी एक दिलचस्प प्रत्याशी सातवीं बार अपनी चुनावी किस्मत आजमा रहे हैं, कुशेश्वर भगत जो कि पाव भाजी बेचते हैं।

lok sabha chunav gurgaon

लगातार तीन बार से जीत रहे हैं भाजपा प्रत्याशी राव इंद्रजीत सिंह
राव इंद्रजीत सिंह एक प्रमुख अहीर नेता हैं, जिनका क्षेत्र में काफी दबदबा है। जब से 2008 में परिसीमन के बाद यह लोकसभा क्षेत्र बना है, वह लगातार तीन बार चुनाव जीते हैं। 2014 और 2019 में उन्होंने बीजेपी का 'कमल' खिलाया है तो 2009 में कांग्रेस का 'हाथ' मजबूत कर चुके हैं।

चुनावी मुकाबले को 'बाहरी बनाम लोकल' बनाने की कोशिश
राव स्थानीय अहीर राजवंश के वंशज है और उनकी कोशिश इस चुनावी मुकाबले को 'बाहरी बनाम लोकल' बनाने की है। वहीं राज बब्बर क्षेत्र में जन-सुविधाओं की बातों पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। वे पंजाबी समाज से आते हैं, जो गुड़गांव और रेवाड़ी विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी तादाद में हैं।

पिछले साल नूंह में भड़क चुकी है सांप्रदायिक हिंसा
लेकिन, एक बात बहुत ही अहम है कि यह चुनाव पिछले साल वीएचपी की शोभा यात्रा के दौरान नूंह में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के बाद हो रहा है। बीजेपी प्रत्याशी ने उस समय वीएचपी यात्रा को हैंडल करने को लेकर खुलकर सवाल उठाए थे और यहां तक कहा था कि यात्रा की वजह से यहां का माहौल बदल गया।

मुस्लिम वोटरों की गोलबंदी से बीजेपी परेशान!
नूंह में मतदाताओं से संपर्क के दौरान उन्होंने कहा कि वे गुड़गांव और रेवाड़ी से तो अच्छी संख्या से जीतेंगे, 'लेकिन, मेरे दिल में नूंह-मेवात क्षेत्र से जीतकर लोकसभा पहुंचने की लालसा है।' भाजपा को गुड़गांव को लेकर चिंता नहीं है, लेकिन शहरी मतदाताओं की उदासीनता और मुस्लिम वोटों की गोलबंदी जरूर परेशान कर रहा है। ऊपर से जाट मतदाताओं को लेकर भी पार्टी असमंजस में दिख रही है।

गुड़गांव लोकसभा में तीन मेव मुस्लिम (मेवात के मुसलमान) बहुल विधानसभा हैं- नूंह, फिरोजपुर झिरका और पुन्हाना। जहां तक मिलेनियम सिटी गुरुग्राम की बात है तो यहां के निवासियों की तमाम समस्याएं लगभग उसी तरह की हैं, जो आमतौर पर यूपी के एनसीआर शहरों- नोएडा और गाजियाबाद में भी देखी जा सकती हैं।

गुड़गांव लोकसभा शहरी और ग्रामीण मतदाताओं की मिलीजुली आबादी वाला चुनाव क्षेत्र है। शहरी वोटरों की समस्याएं लगभग वही हैं, जो आमतौर पर किसी भी भारतीय मेट्रोपॉलिटन शहर में देखी जाती हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों में कुछ तो देश के दूर-दराज इलाकों की तरह ही पिछड़े नजर आते हैं।

गुरुग्राम का जातीय और धार्मिक समीकरण
इस चुनाव क्षेत्र में 20% मेव मुसलमान, 18% अहीर, 15% अनुसूचित जाति और 8% जाट मतदाता हैं और निर्विववाद रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देश के अन्य लोकसभा सीटों की तरह ही यहां भी एक बड़े फैक्टर हैं। यही नहीं, इस सीट में प्रवासी कामगारों की भी बड़ी जनसंख्या है। यहां छठे चरण में 25 मई को वोट डाले जाएंगे।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+