गुजरात दंगे: किस पर विश्वास करेंगे आप- राहुल गांधी या सूफी चिश्ती पर?
जिसके बाद राजनैतिक हलकों में आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर जारी हो गया है। लेकिन इसी बीच सूफी गुरू एम के चिश्ती जो कि गुजरात हज कमेटी के चेयरमैन हैं, ने टीवी चैनल पर एक बयान देकर सबके मुंह बंद करा दिये हैं। खुद चिश्ती ने कहा कि जो लोग गुजरात दंगे का सच नहीं जानते हैं वो ही इस तरह की बकवास कर रहे हैं। सच तो यह है कि गुजरात के दंगों को जिस तरह से मोदी ने रोका था वह और कोई नहीं रोक सकता था।
साल 2002 में मोदी के हाथ में नयी-नयी कमान आयी थी, बावजूद इसके भीषण नरसंहार को मोदी ने अपनी बौद्धिक क्षमता से जिस प्रकार रोका था वह तारीफ के काबिल है। मोदी ने आस-पास के राज्यों से पुलिस फोर्स की मदद मांगी और सेना की मदद से महज चार दिन में ही दंगों को खत्म किया था।
यह मोदी के सफल प्रशासन का ही नतीजा है कि साल 2002 के बाद गुजरात में आज तक कर्फ्यू नहीं लगा है। रात 11 बजे के बाद किसी मुस्लिम महिला को हिंदू बाहुल्य इलाके से गुजरते वक्त डर नहीं लगता है और ना ही कोई हिंदू महिला मुस्लिम इलाके से गुजरते वक्त घबराती है । मैं पूछता हूं कि क्या ऐसा किसी कांग्रेस शासित प्रदेश में होता है? इसलिए कांग्रेस की ओर से मोदी की आलोचना करना और उन पर आरोप लगाना गलत और बेबुनियाद है।
आज और राज्यों की तुलना में गुजरात में ज्यादा से ज्यादा मुसलमान पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा हैं, हिंदू-मुस्लिम आपस में बड़े आऱाम से व्यापार कर रहे हैं।
जबकि कांग्रेस ने आज तक सिवाय अपने वोट बैंक के और कुछ नहीं सोचा है और ना ही मु्सलमानों के लिए कुछ किया है । कांग्रेस के राज में अब तक17 हजार दंगे हुए हैं, जिसका जवाब ना तो कांग्रेस देती हैं और ना ही उसके पास है।
उसने कभी भी देश वासियों से किसी भी दंगे के लिए माफी भी नहीं मांगी है। ऐसे में उसे कोई हक नहीं बनता एसआईटी से क्लीन चिट पाये नरेन्द्र मोदी पर किसी भी तरह का आरोप लगाने का। मोदी ने तो गुजरात की जनता से दंगों के लिए माफी भी मांगी है बावजूद इसके उन दंगों में उनका कोई हाथ नहीं था।
टोपी पहनने से कोई सेकुलर न नहीं हो जाता, आजादी के 65 साल बाद तक कांग्रेस ने सिर्फ़ लोगों को टोपी पहनाई है उसके अलावा मुसलमानों के लिए कुछ नहीं किया उन्हें कुछ नहीं दिया ? मोदी ने सिर्फ़ विकास का काम किया और देश को मोदी जैसे नेता की जरुरत है जो सबको साथ लेकर सबका विकास करते हुए आगे बढ़ता चले।
चिश्ती ने कहा कि गुजरात सरकार ने दंगा पीडितों को सभी सुविधाएं दी हैं। उसने प्रदेशवासियों को अच्छा शासन, पानी, बिजली, छत और रोटी मुहैया करायी है। गुजरात का मुसलमान मोदी को पसंद करता है क्योंकि वह खुश है जबकि कांग्रेस ने अब तक अपने फायदे के लिए केवल मुसलमानों का प्रयोग किया है और यह बात आज का हर मुस्लिम समझ भी रहा है और देख भी रहा है।
चिश्ती के विचारों से आप लोगों को अंदाजा लग गया होगा कि गुजरात का मुसलमान क्या सोचता है? अब आप ही बताइये कि आप किस पर भरोसा करेंगे राहुल गांधी पर या चिश्ती पर। अपना जवाब नीचे लिखे कमेंट बॉक्स में दर्ज करायें।













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