गुजरात में पंचायत प्रमुखों के चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने पार्षदों को राजस्थान भेजा, बताया बीजेपी से डर
अहमदाबाद: गुजरात में जिला और तालुका पंचायत प्रमुखों के चुनावों के पहले कांग्रेस ने अपने पार्षदों को राज्य के बाहर भेज दिया है। कांग्रेस को डर है कि सत्तारूढ़ भाजपा पार्षदों को रिझाने का प्रयास कर सकती है। गुजरात राज्यसभा चुनाव के दौरान बेंगलुरू में अपने 44 विधायकों को एक रिसॉर्ट में रखने के बाद, एकबार फिर कांग्रेस निर्वाचित प्रतिनिधियों को राज्य के बाहर कर रही है, क्योंकि उन्हें डर है कि वे भाजपा का शिकार बन जाएंगे।

34 पंचायत सदस्यों को राजस्थान भेजा
इस बार, पंचायत अध्यक्ष के चुनाव से कुछ दिन पहले कांग्रेस ने अहमदाबाद और पाटन जिलों के 34 पंचायत सदस्यों को राजस्थान के शहरों में भेज दिया है। अहमदाबाद और पाटन की पंचायतों के सदस्य 20 जून को अपने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव करेंगे। कांग्रेस के मुताबिक, चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 19 जून को इन्हें वापस लाया जाएगा और कुछ को मतदान के दिन वापस लाया जाएगा। वर्तमान में दोनों पदों पर कांग्रेस का कब्जा हैं।

सदस्यों को तोड़ने की कोशिश कर रही है बीजेपी-कांग्रेस
अहमदाबाद जिला कांग्रेस कमेटी के प्रमुख खोडाजी ठाकोर ने कहा, 'हम एक हफ्ते के लिए राजस्थान में छिपे हुए हैं क्योंकि बीजेपी साम, दाम, दंड, के सहारे हमारे सदस्यों को तोड़ने की कोशिश कर रही है।' राजस्थान में है अपने स्थान का खुलासा करने से इनकार करते हुए, ठाकोर ने कहा कि उम्मीदवार अंतिम दिन अपने नामांकन दाखिल करने के लिए वापस आ जाएंगे और बाकी वोटिंग के लिए वापस आएंगे।

बीजेपी ने कहा- कांग्रेस का आरोप निराधार
वहीं इसपर भाजपा ने कांग्रेस पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। भाजपा प्रवक्ता भारत पंड्या ने कहा, 'कांग्रेस अपने सदस्यों को एक साथ रखने में सक्षम नहीं है और इसलिए वो बीजेपी के खिलाफ निराधार आरोप लगा रहे हैं। भाजपा कोई जोड़-तोड़ की कोशिश नहीं कर रही है।












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