आईपीएस अधिकारी अनूप कुमार सिंह एनएसजी के बने नये चीफ
नई दिल्ली। गुजरात कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अनूप कुमार सिंह को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। शुक्रवार को कैबिनेट कमेटी ने गृह मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अनूप सिंह 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। शुक्रवार को जारी किए गएआधिकारिक आदेश के मुताबिक, अनूप सिंह की 'ब्लैक कैट्स कमांडो' बल के चीफ के तौर पर नियुक्ति को पीएम मोदी के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने मंजूरी दी।

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह नियुक्ति पद संभालने की तारीख से 30 सितंबर 2020 तक या अगले आदेश तक होगी। एनएसजी की स्थापना 1984 में आतंकवादी तथा हाइजैक जैसी घटनाओं से निपटने में संघीय आकस्मिक बल के तौर पर हुई थी। इस बल के कमांडो के देशभर में पांच हब हैं। इसके अलावा उनका मुख्य कार्यालय गुड़गांव के मानेसर में है। वे कुछ हाई प्रोफाइल वीवीआईपी लोगों की निजी सुरक्षा में भी तैनात हैं।
देश के सबसे खतरनाक कमांडो होते हैं ब्लैक कैट कमांडो या एनएसजी कमांडो। एनएसजी को 16 अक्टूबर 1984 में बनाया गया था ताकि देश में होने वाली आतंकी गतिविधियों से निपटा जा सके। नख से लेकर शिख तक काली पोशाक में ढके और पूरे शरीर में कई किस्म के रक्षा-कवचों से लैस एनएसजी के कमांडोज का एक ही नारा है- वन फॉर ऑल, ऑल फॉर वन। एनएसजी का एक कमांडो आतंकवादियों के पूरे एक गैंग पर भारी पड़ता है। कमांडोज की यह महज मनोवैज्ञानिक छवि नहीं है कि उन्हें देखते ही सुरक्षा का एहसास होने लगता है बल्कि यह वास्तविकता है कि एक कमांडो किसी भी किस्म के खतरे से आखिरकार पार पा लेता है।
राष्टीय सुरक्षा गार्ड की रूपरेखा तय करते समय इजरायल के आत्मघाती कमांडोज को ध्यान में तो रखा ही गया; अमेरिका, रूस, ब्रिटेन और फ्रांस के एलीट कमांडो फोर्सेस को भी ध्यान में रखा गया जिससे कि एनएसजी कमांडो दुनिया की सर्वश्रेष्ठ फोर्स बन सके। आज भारत के एनएसजी कमांडोज की गिनती इजरायल, अमेरिका, रूस और फ्रांस के कमांडो के साथ होती है। एशिया में भारत के एनएसजी कमांडो के मुकाबले कोई दूसरी फोर्स नहीं है। देश में करीब 14500 एनएसजी कमांडो हैं, जिन्हें ढाई साल की कड़ी ट्रेनिंग के बाद तैयार किया जाता है।












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