गुजरात विधानसभा चुनाव: 2012 में BJP की जीत में और कांग्रेस की हार में रहा था इतना अंतर
नई दिल्ली। गुजरात में 93 सीटों के लिए दूसरे और अंतिम चरण का मतदान जारी है। 2012 के चुनाव में इन 93 सीटों में कांग्रेस 39 और भाजपा ने 52 सीटों पर जीत दर्ज की थी। पहले चरण के चुनाव में कांग्रेस ने 83 सीटों में जहां तीन सीटें जीतती थी तो वहीं चार सीटों पर हार जाती थी। इस चरण कांग्रेस ने जहां 22 सीटों पर जीत दर्ज की तो वहीं भाजपा 63 पर जीती। यहां पर वह जीत की अपेक्षा तीन गुना सीटें हारी।

2012 में 2017 की दूसरे चरण की इन 93 सीटों पर कांग्रेस ने भाजपा को कड़ी टक्कर दी थी। अगर बात मध्य गुजरात की करें तो यहां पर भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला काफी नजदीकी रहा था। यहां पर कांग्रेस ने 18 सीटें जीती थीं। भाजपा ने जिन सीटों पर जीत दर्ज की थी उनका वोटों का औसत बहुत ही कम था।
गुजरात में गुरुवार को मध्य और उत्तर गुजरात में चुनाव हो रहा है। मध्य गुजरात में सात जिले आते हैं। जिनमें वडोदरा, आणंद, खेड़ा, पंचमहल, दाहोद, छोटा उदयपुर, महीसागर शामिल हैं। मध्य गुजरात की 40 सीटें पर वोटों का औसत मार्जिन 19946 रहा था। जिन 20 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की उनकी औसत अंतर 25,154 रहा। जबकि कांग्रेस की 18 सीटों पर जीत का अंतर 15,169 रहा था।
उत्तरी गुजरात में भी सात जिले हैं। इस क्षेत्र के अंतर्गत अहमदाबाद, अमरेली, बनासकांठा, गांधीनगर, पाटन और महेसाणा आते हैं। इस पूरे क्षेत्र में भाजपा की जीत का औसत अंतर कांग्रेस से अधिक था। 2012 के चुनावों में उत्तरी गुजरात की 53 सीटों पर जीत का औसत अंतर 26,015 रहा था। भाजपा ने जिन 32 सीटों पर जीत दर्ज की थी उसका औसत अंतर 32,795 था। जिन 21 सीटों पर कांग्रेस जीती थी उनका औसत जीत का अंतर 15,684 रहा था।
लेकिन यह पूरा आंकड़ा पूरी तरह से बदल जाता है जब आप शहरी इलाकों में आते हैं। शहरी इलाकों में भाजपा ने कांग्रेस का लगभग पूरी तरह से सफाया कर दिया था। 58 शहरी सीटों में जहां की शहरी आबादी 50 फीसदी से अधिक है, वहां भाजपा ने कुल 52 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस इन जगहों पर सिर्फ 6 सीटों पर ही जीत दर्ज कर सकी। एक तरफ जहां ग्रामीण इलाकों में भाजपा का जीत का अंतर कांग्रेस की तुलना में बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन शहरी इलाकों में भाजपा ने कांग्रेस को भारी अंतर से हराया है।












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