Gujarat Election की तारीखों का ऐलान, सर्वे में मोदी के लिए ये बुरी खबर
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नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने गुजरात चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी का अभेद दुर्ग माने जाने वाले गुजरात में 9 और 14 दिसंबर को दो चरणों में मतदान होगा। पहले चरण में 89 सीट और दूसरे चरण में 93 सीटों पर वोटिंग होगी। गुजरात चुनाव के नतीजे 18 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश के परिणामों के साथ ही आएंगे। बहरहाल, नतीजे आने में तो अभी समय लगेगा, लेकिन इससे एक्सिस माय इंडिया ने इंडिया टुडे समूह के लिए एक बेहद अहम सर्वे कराया है। सर्वे में किस पार्टी, कितनी सीटें, सीएम पद की पहली पसंद कौन, किस क्षेत्र में किसे कितनी सीटें समेत कई सवालों के जवाब हैं, लेकिन सबसे अहम बात जो गुजरात चुनाव के सर्वे में निकलकर आई है, वह पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम विजय रूपाणी के क्षेत्र में नतीजे किसके पक्ष में जाते दिख रहे हैं। आइए बताते हैं आपको सर्वे से जुड़े सारे अहम FACTS-


पीएम मोदी और विजय रूपाणी के क्षेत्र में पिछड़ रही बीजेपी
गुजरात चुनाव से जुड़े इस सर्वे की मानें तो 54 विधानसभा सीटों वाले सौराष्ट्र-कच्छ में बीजेपी थोड़ा पीछे रह जाएगी। सर्वे में यहां पर कांग्रेस को एक सीट की बढ़त दिख रही है। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का जिला राजकोट इसी क्षेत्र में आता है। वहीं, उत्तर गुजरात में 32 विधानसभा सीटें हैं। पीएम मोदी की जन्मस्थली वडनगर इसी क्षेत्र के मेहसाणा जिले में पड़ती है। यहां बीजेपी को कांग्रेस से कम मिलने का अनुमान है। सर्वे के मुताबिक सौराष्ट्र-कच्छ में बीजेपी को 26 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि कांग्रेस+अल्पेश ठाकोर को यहां 27 सीटें मिल सकती हैं। इसी प्रकार से उत्तरी गुजरात में बीजेपी को सिर्फ 13 सीटें मिलती दिख रही हैं, जबकि कांग्रेस+ अल्पेश को यहां 19 सीटों पर जीत मिलने का अनुमान है।

बड़ा फैक्टर साबित होंगे हार्दिक पटेल
ताजा सर्वे के मुताबिक, अगर हार्दिक पटेल कांग्रेस के साथ जुड़ जाते हैं तो उसका वोट शेयर 40 फीसदी हो जाएगा और उसकी सीटें भी बढ़कर 62-71 हो जाएंगी। सर्वे कहता है कि हार्दिक पटेल बीजेपी को बड़ा नुकसान पहंचा सकते हैं और उसकी सीटें घटकर 110 से 120 तक सिमट सकती हैं। सर्वे के मुताबिक कांग्रेस को बिना हार्दिक पटेल के 57 से 65 सीटें मिलने का अनुमान है। अगर हार्दिक कांग्रेस के साथ आ जाते हैं तो यह संख्या 62 से 71 तक पहुंच सकती है।

राहुल को चाहिए संजीवनी, मोदी की निजी प्रतिष्ठा दांव पर
गुजरात चुनाव के जरिए विपक्ष और खासतौर पर कांग्रेस को 'संजीवनी' की तलाश है। दूसरी ओर पीएम मोदी और अमित शाह के लिए गुजरात चुनाव निजी प्रतिष्ठा का मामला है, चूंकि दोनों का यह गृह राज्य है। ऐसे में नतीजे अपने-अपने पक्ष में करने के लिए दोनों दल जोर लगा रहे हैं।












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