अल्पेश ठाकोर के शामिल होने से गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को होंगे ये 3 फायदे
नई दिल्ली। गुजरात में ओबीसी समाज की राजनीति का बड़ा नाम, अल्पेश ठाकोर ने 23 अक्टूबर को कांग्रेस में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। अल्पेश ने अपने साथ हार्दिक पटेल और जिग्नेश के भी कांग्रेस में शामिल होने की बात कही है। गुजरात में 15 सालों से सत्ता की राह ताक रही कांग्रेस के लिए अल्पेश ठाकोर गुजरात चुनावों में संजीवनी साबित हो सकते हैं। अल्पेश ठाकोर के पार्टी में शामिल होने से कांग्रेस को आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान ये तीन बड़े फायदे होंगे।

1. ओबीसी वोट बैंक
गुजरात में ओबीसी समाज में अलग अलग 146 जातियां शामिल हैं। जो कि गुजरात की जनसंख्या का 54% वोटबैंक है। यह समुदाय की गुजरात की राजनीति में अहम भूमिका निभाता है। अल्पेश ठाकोर ने इस समुदाय को बीते 1 साल में अपने साथ जोड़ने में कामयाबी पाई है। ओबीसी समुदाय पूरे गुजरात में फैला हुआ है। अगर अल्पेश ठाकोर गुजरात चुनावों तक अपने साथ जोड़े रह पाने में सक्षम रहे तो निश्चिच ही इस समुदाय का एकमुश्त वोट कांग्रेस को जाएगा जो कि कांग्रेस में सत्ता में वापसी की राह बना सकता है।

2. कांग्रेस सौराष्ट्र में मजबूत होगी
गुजरात के जिस इलाके में अल्पेश ठाकोर का सबसे ज्यादा प्रभाव है वो सौराष्ट्र है। सौराष्ट्र गुजरात का सबसे बड़ा इलाका है। गुजरात की 182 में से 54 सीटें सौराष्ट्र के इलाके में ही हैं। अभी यहां भाजपा का दबदबा है लेकिन अल्पेश ठाकोर के कांग्रेस में आने के बाद से अब इस इलाके में कांग्रेस को सफलता मिलने की उम्मीदें हैं। इस इलाके में हुई उठा पटक भाजपा की गद्दी डावांडोल कर सकती है।

3. मजबूत और एकजुट विपक्ष
भाजपा ने बीते 15 सालों से गुजरात में विपक्ष को एकजुट नहीं होने दिया है लेकिन इस बार तस्वीर बदलती दिख रही है। बीते 2 सालों में गुजरात में हुए समाजिक आंदोलन ने तीन नए नेता हार्दिक पटेल, जिग्नेश मेवाणी और अलेपश ठाकोर को पैदा किया है। अल्पेश ठाकोर ने जल्द ही हार्दिक और जिग्नेश के भी कांग्रेस में आने की बात कही है। इन तीनों नेताओं के आने से कांग्रेस इस बार ज्यादा मजबूती और एकजुटता के साथ चुनाव में उतरेगी।












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