बदरुद्दीन अजमल के खिलाफ बढ़ रहा असंतोष, सरकार बनी तो वह सीएम नहीं होंगे- AIUDF विधायक करीमुद्दीन
ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के विधायक करीमुद्दीन बरभुइया ने शनिवार को संकेत दिया कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और कार्यकर्ताओं में पार्टी प्रमुख मौलाना बदरुद्दीन अजमल के खिलाफ असंतोष....
दिसपुर, 26 मार्च। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के विधायक करीमुद्दीन बरभुइया ने शनिवार को संकेत दिया कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और कार्यकर्ताओं में पार्टी प्रमुख मौलाना बदरुद्दीन अजमल के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है।
यह भी पढ़ें: राम मंदिर से जुड़ी किताब पर विवाद, बीजेपी बोली- लेखक को जेल भेजें या मेंटल अस्पताल

2026 या 2031 तक हम सरकार में होंगे
बरभुइया ने अगले कुछ वर्षों में असम में एआईयूडीएफ की सरकार बनाने पर भरोसा जताया, लेकिन जोर देकर कहा कि अजमल मुख्यमंत्री नहीं होंगे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, 'मैं यह साफ करना चाहता हूं कि 2026 या 2031 तक हम सरकार में होंगे। मौलाना बदरुद्दीन अजमल सीएम नहीं होंगे। हम लोगों की भावनाओं को समझते हैं। सीएम हम में से कोई एकोमिया मुख्यधारा का व्यक्ति होगा।'

अवैध प्रवासियों को बाहर निकालने में विफल रही है भाजपा
एआईयूडीएफ नेता ने राज्य से अवैध अप्रवासियों को बाहर निकालने में विफल रहने के लिए असम में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'उन्होंने कहा, 'राजनीतिक दल असम को बर्बाद करने वाले बांग्लादेशी लोगों के खिलाफ सिर्फ माहौल बना रहे हैं, लेकिन सत्ता में रहते हुए उन्होंने उन्हें बेदखल करने के लिए कुछ नहीं किया है। राज्य में सत्ता हासिल करने के लिए भाजपा और एजीपी के लिए यह सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा है।'

NRC के वेरिफिकेशन के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगी असम सरकार
इससे पहले गुरुवार को असम के कृषि मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि राज्य सरकार ने नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) के पुन: सत्यापन के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि हम एनआरसी की साल 2019 में प्रकाशित सूची को स्वीकार नहीं करेंगे। इसके दोबारा सत्यापन के लिए हमने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है।

एनआरसी की सूची में कोई खामी नहीं
वहीं, साल 2020 के अंत में, असम के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के राज्य समन्वयक हितेश देव सरमा ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के समक्ष एक हलफनामा प्रस्तुत किया था और कहा था 31 अगस्त, 2019 को NRC की सूची जो प्रकाशित हुई थी, वह NRC की एक पूरक सूची थी और 4795 अपात्र व्यक्तियों के नाम इस सूची में शामिल थे।












Click it and Unblock the Notifications