Domariaganj Lok Sabha: 5 साल में एक बार भी गांव नहीं आए सांसद, नहीं हुआ कोई विकास, फिर भी वोट 'मोदी को'
Lok Sabha Ground Report Domariaganj : लोकसभा चुनाव को लेकर अभी से सियासी पारा पूरी तरह चढ़ चुका है। राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुट चुके हैं। क्या वर्तमान सांसद का टिकट कटेगा या वही बने रहेंगे? कौन सी पार्टी किसे उम्मीदवार बनाएगी? यह विषय चर्चा में हैं। इसके साथ ही जनता की अपनी बात भी है। कोई वर्तमान सरकार से खुश है तो कोई इसे बदलने की बात भी करता है। आगामी लोकसभा चुनाव 2024 के लिए उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज लोकसभा में 'क्या माहौल है 'जानने के लिए वन इंडिया की टीम पहुंची।
डुमरियागंज लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाली बांसी विधानसभा के खेसरहा विकास खंड के मदुआपुर गांव के लोगों ने वन इंडिया हिंदी से खुलकर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने सरकार व विपक्ष के बारे में विस्तार से चर्चा की।

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विकास कार्यों से नहीं हैं संतुष्ट
बुजुर्ग सुग्रीव बताते हैं कि यह गांव विकास कार्यों से अभी भी अछूता है। यहां कोई भी विकास नहीं हुआ है। सड़क,बिजली, पानी, उद्योग सभी की यहां आवश्यकता है।
पांच साल में एक बार भी नहीं आए सांसद
सुग्रीव डुमरियागंज के वर्तमान सांसद जगदम्बिका पाल से पूरी तरह नाराज हैं। उनकी नाराजगी का कारण सांसद की उपेक्षा है। वह बताते हैं कि पिछले पांच साल में सांसद यहां आए तक नहीं हैं। विकास तो दूर वह यहां अपना चेहरा दिखाने तक नहीं आए। इनके साथ ही गांव के अन्य लोगों ने भी सांसद के यहां न आने की बात बताई।
बहुत अच्छे हैं प्रधानमंत्री
हां, एक बात जरूर है बातचीत के दौरान ग्रामीणों में पीएम मोदी को लेकर खासा उत्साह दिखा। गांव में विकास न होने और सांसद के यहां न आने के बाद भी एक स्वर में ग्रामीणों ने पीएम मोदी के अच्छे होने की बात कही। इनका कहना है कि प्रधानमंत्री ने गरीबों के लिए कई योजनाएं शुरु की हैं लेकिन वह हम तक नहीं पहुंच रही हैं। इसके लिए स्थानीय नेता और अधिकारी जिम्मेदार हैं।
गरीब को नहीं मिल रहा योजनाओं का लाभ
गांव के रहने वाले सुदंर बताते हैं कि पीएम मोदी अच्छा कार्य कर रहे हैं। लेकिन गरीबों तक यह लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। जो लोग इसके पाने के हकदार नहीं हैं उन्हे ही इसका लाभ मिल रहा है।
नहीं मिला किसी को आवास
सुदंर बताते हैं कि गांव में अभी तक किसी को आवास नहीं मिला। कई बार प्रयास करने के बाद भी किसी ने एक न सुनी। शौचालय निर्माण में भी मनमानी की गयी है।












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