सरकार ने जारी किए आंकडे, देश में 16.72 लाख ड्राइविंग लाइसेंस हो सकते हैं फर्जी

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    Modi Government के चौंकाने वाले आंकड़े fake हो सकते है 16.72 lakh Driving License । वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली। सभी सरकारी सेवाओं को आधार कार्ड से जोड़े जाने के बाद सालों से चली आ रही धांधली पर सरकार लगाम लगाने में कुछ हद तक सफल रही है। इसी क्रम में सरकार ने देशभर के 6.7 करोड़ ड्राइविंग लाइसेंस की जांच की थी। इस जांच में 16.72 लाख ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी होने की संभावना जताई जा रही है। इसकी जानकारी सोमवार को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री मनसुखलाल मंडाविया ने संसद में दी। इससे पहले सड़क व परिवहन केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने कहा था कि देश में 30 प्रतिशत ड्राइविंग लाइसेंस संभावित रूप से फर्जी हैं।

    16.72 लाख ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी होने की संभावना

    16.72 लाख ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी होने की संभावना

    एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को बताया कि राष्ट्रीय सूचना केन्द्र के द्वारा फर्जी लाइसेंस के संदर्भ में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए राष्ट्रीय रजिस्टर पर किए गए विश्लेषण में पता लगा है कि पांच जनवरी 2015 की स्थिति के अनुरूप कुल उपलब्ध 6,70,16,851 ड्राइविंग लाइसेंस के रिकॉर्ड में से 16,72,136 रिकॉर्ड के संभावित रूप से फर्जी होने की संभावना है। इस मामले के बाद अब सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया को डिजिटलाइज करने की योजना बनाई है। इतना ही नहीं मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने कहा कि आगे की कार्रवाई के लिए बहुत ही जल्द राज्यों के साथ नकली ड्राइविंग लाइसेंस की जानकारी साझा की जाएगी।

    फर्जी ड्राइविंग लाइसेंसों पर लगाम लगाने के लिए एक सॉफ्टेवयर भी डेवलप किया

    फर्जी ड्राइविंग लाइसेंसों पर लगाम लगाने के लिए एक सॉफ्टेवयर भी डेवलप किया

    फर्जी ड्राइविंग लाइसेंसों पर लगाम लगाने के लिए एक सॉफ्टेवयर भी डेवलप किया जा रहा है, इसी के जरिए ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से लिंक किया जाएगा। फरवरी 2018 को सुप्रीम कोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई थी। सड़क सुरक्षा पर कोर्ट के द्वारा बनाई गई एक कमिटी ने सुप्रीम कोर्ट के जजों जस्टिस मदन बी. लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच को यह जानकारी दी। पोर्ट में आगे कहा गया है, ' फर्जी लाइसेंस के मुद्दे पर संयुक्त सचिव ने हमें बताया कि मंत्रालय नेशनल इन्फर्मेटिक्स सेंटर (NIC) सेंटर के साथ मिलकर एक सॉफ्टवेयर तैयार कर रहा है। इस सॉफ्टवेयर का नाम सारथी-4 है। इसके द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस से आधार को जोड़ा जाएगा।'

    मोटर वाहन ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से जोड़ाना अनिवार्य

    मोटर वाहन ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से जोड़ाना अनिवार्य

    इससे पहले सूचना प्रौद्योगिकी और कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने एनएसई टेक कॉनक्लेव 2018 को संबोधित करते हुए कहा था कि मैं नितिन गडकरी जी से बात कर रहा हूं, जिससे मोटर वाहन ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से जोड़ा जा सके। यह कदम जनता के हित में होगा। उन्होंने कहा कि यदि एक राज्य का ड्राइवर शराब पीकर दूसरे राज्य में दुर्घटना कर भागता है तो वह किसी अलग राज्य से डुप्लिकेट लाइसेंस प्राप्त करता है।

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