'एसटी सूची हुई संशोधित जिससे आयेंगे अब अच्छे दिन'
नई दिल्ली। असम, छत्तीसगढ़, झारखंड, तमिलनाडु, त्रिपुरा और पुद्दुचेरी को अनुसूचित जाति की लिस्ट को अपडेट करने को कहा है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने पांच राज्यों असम, छत्तीसगढ़, झारखंड, तमिलनाडु, त्रिपुरा में अनुसूचित जनजाति की सूची में संशोधन करने के लिए कहा है जिसके तहत अब कुछ और समुदाय को अनुसूचित जाति की लिस्ट में जगह मिलेगी।
अनुसूचित जनजाति के लिए मिलने लाभ प्राप्त करने में सक्षम
इस विधेयक के अधिनियम हो जाने के बाद, अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल समुदायों के सदस्य मौजूदा योजनाओं के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति के लिए मिलने लाभ प्राप्त करने में सक्षम हो जायेंगे।
पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप, नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप
इस प्रकार की कुछ प्रमुख योजनाओं में पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप, नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप, शीर्ष स्तर की शिक्षा, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त और विकास निगम से रियायती ऋण, अनुसूचित जनजाति के लड़कों एवं लड़कियों के लिए छात्रावास आदि शामिल हैं। उपर्युक्त के अलावा, वे नौकरियों और शिक्षा संस्थानों में आरक्षण के लाभ के लिए भी हकदार होंगे।
भारतीीय संविधान अनुच्छेद 342 के प्रावधानों के अंतर्गत
आपको बता दें कि भारतीय संविधान अनुच्छेद 342 के प्रावधानों के अंतर्गत अधिसूचित अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों को कुछ विशेषाधिकार/रियायत प्रदान करता है। एक राज्य अथवा केन्द्र शासित प्रदेश के संबंध में अनुसूचित जनजाति की प्रथम सूची को संबंधित राज्य सरकार के साथ विचार-विमर्श के बाद राष्ट्रपति के अधिसूचित आदेश के द्वारा जारी किया जाएगा।
अनुच्छेद 342 के खंड (2)
अनुसूचित जनजाति की सूची में किसी भी अनुवर्ती समावेशन अथवा अपवर्जन को अनुच्छेद 342 के खंड (2) के अंतर्गत उल्लिखित संसद के अधिनियम के माध्यम से प्रभावी किया जा सकता है।













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