केरल के राज्यपाल ने कहा- सुरक्षाकर्मी न रोकते तो इरफान हबीब मेरा कॉलर पकड़ लेते
नई दिल्ली। केरल के कन्नूर में हुए हंगामें पर रविवार को राज्यपाल मोहम्मद खान ने कहा कि अगर मेरे सुरक्षाकर्मी न होते हो इतिहासकार इरफान हबीब मेरा कॉलर पकड़ लेते। एक इंटरव्यू में उन्होंने शुक्रवार को हुए पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया। मोहम्मद खान ने कहा कि किसी भी स्थान पर राज्यपाल का कार्यक्रम एक घंटे से ज्यादा का नहीं हो सकता लेकिन वक्ता डेढ़ घंटे तक बोलते रहे और मैं उनको सुनता रहा। उन्होंने कहा कि सबको सुनने के बाद जब मैं बोलने के लिए मंच पर पहुंचा तो इतिहासकार इरफान हबीब ने मुझे रोकने की कोशिश की।

केरल के राज्यपाल ने आगे कहा कि अगर मेरी सुरक्षा के लिए एडीसी नहीं होते तो ना जाने मेरे साथ इरफान अबीब क्या करते। जब मैं बोल रहा था तो वह मेरी ओर बढ़े, सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोके जाने पर उन्होंने धक्का-मुक्की की और उनका बैज नोच लिया। जब वह कामयाब नहीं हुए तो सोफे के पीछे से मेरी ओर बढ़ने की कोशिश करने लगे लेकिन सुरक्षाकर्मी और कन्नूर विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर ने फिर उन्हें रोकने की कोशिश की। राज्यपाल ने कहा कि वह करना क्या चाह रहे थे इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि इरफान हबीब ने मेरे एडीसी का बैच नोचा, हो सकता है अगर वह मेरे करीब आ पाते तो शायद मेरा कॉलर भी खींच लेते।
क्या है मामला
दरअसल, केरल के कन्नूर में भारतीय इतिहास कांग्रेस कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें प्रदेश के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी पहुंचे थे। जब वह भाषण देने मंच पर पहुंचे तो उनको विरोध का सामना करना पड़ा। उन्होंने सीएए के खिलाफ हुए प्रदर्शन पर बोलना शुरू ही किया था कि तभी इतिहासकार इरफान हबीब उन्हें रोकने के लिए स्टेज पर पहुंच गए। खुद को रोके जाने की कोशिश करने पर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि विरोध करने का हक सबको है लेकिन आप किसी को चुप नहीं करा सकते। बता दें कि राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को वहां मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था।
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