बुजुर्गों की देखभाल के लिए मोदी सरकार से बच्चों को मिलेगी आर्थिक मदद, जानें पूरा मामला
बेंगलुरु। देश के बुजुर्गों की देखभाल और कल्याण के लिए मोदी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। केन्द्र सरकार इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए जल्द ही व्यापक राष्ट्रीय नीति लाने वाली है। जिसका खुलासा सोमवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने सोमवार को लोकसभा में किया।
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सरकार खोलेगी डे केयर सेंटर
बता दें गहलोत ने सरकार द्वारा दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्ग के उत्थान के लिए के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी देते हुए इसके बारे में बताया। मंत्रालय के लिए अनुदान मांगों पर बहस के दौरान गहलोत ने कहा कि सरकार माता-पिता एवं बुजुर्गों का रखरखाव और कल्याण (संशोधन) विधेयक लेकर आई है। अभी प्रवर समिति इसकी जांच कर रही है। इस विधेयक में बुजुर्गों के लिए डे केयर सेंटर और लिए वृद्धाश्रम खोलने का प्रवधान किया गया हैं। समिति की जांच पूरी होने पर मोदी सरकार इस नीति को लागू करने के लिए आगे की प्रक्रिया पर आगे बढ़ेगी।

बुजुर्गों की देखभाल के लिए बच्चों की सरकार करेगी आर्थिक मदद
उन्होंने बताया कि इन वृद्धा आश्रम और डे केयर सेंटर को किसी एनजीओ द्वारा संचालित किया जाएगा। इतना ही नहीं केन्द्र सरकार ने इसके साथ ही आय के आधार पर बच्चों को माता पिता की देखभाल और उनकी जरुरतें पूरी करने क लिए कुछ धनराशि देने का भी प्रावधान किया गया है। गहलोत ने कहा कि ये सरकार की बुजुर्गों के लिए व्यापक नीति है। जिसे बहुत जल्द ही पेश किया जाएगा। इतना ही नहीं सदन में इस पर बहस के बाद सदन ने मंत्रालय की अनुदान मांगों को मंजूरी दे दी। इस विधेयक के पीछे सरकार की मंशा हैं कि वृद्ध जनों की देखभाल अच्छे से हो सके और वे उम्र का आखिरी पड़ाव खुशहाली से बिता सके।

दिव्यांगों के लिए देशभर में एक प्रमाण पत्र होगा
इतना ही नही सरकार देशभर में दिव्यांगों के लिए एक पहचान पत्र जारी करने वाली है जिसके आधार पर किसी भी राज्य में सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। अभी एक जिले द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र दूरे जिले में मान्य नहीं होता है। लेकिन ये पहचान पत्र हर राज्य में चलेगा। जिसके आधार पर दिव्यांग सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।












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